पटना
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार इतिहास बना है। राज्य में पहली बार एक भी बूथ पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। चुनाव आयोग ने इसे बिहार की लोकतांत्रिक परिपक्वता, मतदाताओं की जागरूकता और प्रशासन की सटीक व्यवस्था का परिणाम बताया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा,
“शांति, पारदर्शिता और जागरूक भागीदारी—इन तीनों ने मिलकर बिहार को देश के चुनावी नक्शे पर एक नई पहचान दी है।”
कड़ी पाबंदियां जारी, जुलूस और नारेबाजी पर रोक
मतगणना के दिन किसी भी तरह की भीड़, विजय जुलूस, नारेबाजी, रोड शो या जश्न पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट कहा है—
➡ आदेश का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई होगी।
➡ शांति-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सुबह 9 बजे से रुझान, दोपहर 2 बजे तक तस्वीर साफ!
- मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी।
- 9 बजे से शुरुआती रुझान आने लगेंगे।
- दोपहर 2 बजे तक करीब 200 सीटों का रूख साफ हो जाने की संभावना।
- अंतिम परिणाम आने के बाद संबंधित निर्वाची पदाधिकारी विजेता को प्रमाणपत्र सौंपेंगे
पटना के A.N. कॉलेज स्ट्रॉन्ग रूम में उच्च स्तरीय सुरक्षा
पटना समेत सभी काउंटिंग सेंटर हाई अलर्ट पर हैं।
A.N. कॉलेज स्ट्रॉन्ग रूम में:
- एक राउंड में 14 EVM की गिनती
- इसके लिए 14 टेबल
- सुबह 6 बजे तीसरा रैंडमाइजेशन, जिसमें तय होगा किस अधिकारी की किस टेबल पर ड्यूटी होगी।
गिनती ऐसे होगी — बैलेट से शुरुआत, फिर EVM
- सबसे पहले पोस्टल बैलेट और बैलेट पेपर की गिनती की जाएगी।
- इन्हें स्कैनर से स्कैन किया जाएगा।
- सुबह 8:30 बजे से EVM वोटों की गिनती शुरू।
- अंतिम राउंड शुरू होने से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी करने का लक्ष्य।
VVVPAT मिलान कब होगा?
अगर किसी केंद्र पर
➡ Form 17C में दर्ज वोटों और
➡ EVM डेटा
में बेमेल मिलता है, तब उस बूथ की VVPAT पर्चियों की गिनती की जाएगी।
महिलाएं बनेंगी चुनाव का गेम–चेंजर
इस चुनाव में महिलाओं का रिकॉर्ड मतदान चर्चा में है।
- ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की लंबी कतारें
- कई जिलों में पुरुषों से अधिक महिला वोटिंग
- चुनाव परिणामों में निर्णायक प्रभाव
यह साफ है कि इस बार महिलाएं सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की नई दिशा तय करने वाली शक्ति बनकर उभरी हैं।
CEC ने की खुलकर तारीफ
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा—
“बिहार ने अद्भुत जिम्मेदारी दिखाई है। बिना किसी पुनर्मतदान के चुनाव संपन्न होना मतदाताओं, प्रशासन और सुरक्षा बलों की सजगता का प्रमाण है।”
