भागलपुर | 12 अगस्त 2025: भागलपुर जिले का अमडार गांव इस समय बाढ़ के कहर से जूझ रहा है। चारों तरफ पानी ही पानी… और बीच में फंसे बेबस लोग! गांव के 600 घरों में से 200 घर पूरी तरह बाढ़ के पानी में समा चुके हैं। जो बचा है, वह भी खतरे में है।
पानी में कैद जिंदगी
अमडार की गलियां अब गलियां नहीं, बल्कि नहरें बन चुकी हैं। लोग अपने ही घरों में बंद होकर रह गए हैं। न नाव, न पुल, न ही कोई सुरक्षित रास्ता… मानो पूरा गांव पानी के बीच एक टापू में तब्दील हो गया हो।
गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। न स्कूल खुल रहे हैं, न दुकानें, और न ही अस्पताल तक पहुंच संभव है।
भूख और प्यास का संकट
बाढ़ का पानी सिर्फ दीवारों तक नहीं, बल्कि रसोई तक पहुंच चुका है। चूल्हा ठंडा पड़ चुका है, खाने का अनाज खत्म होने की कगार पर है और पीने के पानी के लिए लोग तरस रहे हैं।
गांव के बुजुर्ग कहते हैं, “अब तो बारिश का पानी छानकर पीना पड़ रहा है, वरना प्यास से मर जाएंगे।” छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक मदद की आस में प्रशासन की राह देख रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी, ग्रामीणों में गुस्सा
गांव के लोगों का आरोप है कि अब तक कोई ठोस राहत नहीं पहुंची। नाव तक की व्यवस्था नहीं हुई, जिससे बीमार लोगों को बाहर ले जाना नामुमकिन हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द राहत सामग्री, पीने का पानी और नाव की सुविधा नहीं दी गई तो हालात और भी भयानक हो जाएंगे।


