- जिद्द ने ली जान: घर वालों की डांट से नाराज होकर 5 लड़कियों ने किया सुसाइड का फैसला; गांव के बाहर तालाब किनारे खाया पक्षी मारने वाला जहर
- आंखों देखी मौत: जिंदा बची सहेली का खुलासा- ‘दवा कड़वी लगी तो मैंने थूक दिया, बाकी चारों मेरी आंखों के सामने गिर पड़ीं’
- देसी इलाज से बची जान: भागकर घर पहुंची लड़की को परिजनों ने पिलाया नीम का घोल; 4 सहेलियों का अंतिम संस्कार कर चुके परिजन
द वॉयस ऑफ बिहार (औरंगाबाद)
बिहार के औरंगाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मामूली डांट-फटकार से नाराज होकर 5 सहेलियों ने एक साथ मौत को गले लगाने का फैसला कर लिया। इस सामूहिक आत्महत्या (Mass Suicide Pact) की कोशिश में 4 लड़कियों की मौत हो गई, जबकि एक की जान बाल-बाल बच गई। घटना 29 जनवरी की बताई जा रही है।
तालाब किनारे मौत का खेल
इस खौफनाक घटना की एकमात्र गवाह और जिंदा बची लड़की ने जो कहानी बताई, वह रोंगटे खड़े करने वाली है।
- वजह: लड़की ने बताया कि घर वालों ने किसी बात पर डांटा था। इसी बात से नाराज होकर पांचों सहेलियों ने एक साथ जहर खाने का फैसला किया।
- वारदात: 29 जनवरी की शाम पांचों सहेलियां गांव से दूर एक तालाब के पास गईं। वहां उन्होंने पक्षियों को मारने वाली जहरीली दवा का सेवन किया।
‘मैंने थूक दिया, वो बच नहीं सकीं’
जीवित बची लड़की ने बताया कि जैसे ही उन्होंने दवा खाई, उसका स्वाद बहुत खराब लगा।
- बचाव: उसने बताया, “मैंने थोड़ी सी दवा खाकर तुरंत थूक दी, शायद इसीलिए मैं बच गई। लेकिन बाकी सहेलियों ने दवा निगल ली और पानी पी लिया।”
- मंजर: देखते ही देखते चारों सहेलियां बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
डर और देसी इलाज
सहेलियों को गिरता देख वह लड़की डर गई और वहां से भागकर सीधे अपने घर पहुंची। उसने परिजनों को सारी बात बताई।
- इलाज: घर वालों ने समझदारी दिखाते हुए उसे तुरंत नीम के पत्तों का घोल पिलाया, जिससे उसे उल्टियां हुईं और जहर का असर कम हो गया।
- मातम: उधर, चार लड़कियों की मौत के बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया है।


