
पटना।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन पहली बार पटना पहुंच रहे हैं। 9 और 10 फरवरी को होने वाला यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर नई शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। संगठन से लेकर कार्यकर्ताओं तक, हर स्तर पर इस दौरे को लेकर खास उत्साह है।
प्रदेश सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल के मुताबिक, यह दौरा भाजपा के लिए “री-स्टार्ट बटन” जैसा है, जहां से आने वाले समय की रणनीति और दिशा तय होगी।
10 हजार कार्यकर्ता, एक मंच, एक संदेश
9 फरवरी को बापू सभागार में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन दिखेगा। करीब 10 हजार बूथ स्तरीय कार्यकर्ता एक साथ मौजूद रहेंगे। यहां नितिन नवीन सीधे उनसे संवाद करेंगे।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि बड़े नेताओं की जीत की कहानी दरअसल इन्हीं बूथ कार्यकर्ताओं की मेहनत से लिखी जाती है। यही वजह है कि पहले ही दौरे में फोकस “नीचे से ऊपर” संगठन मजबूत करने पर रखा गया है।
संगठन को मिलेगी नई धार
कार्यकर्ताओं को उनकी भूमिका याद दिलाई जाएगी—कैसे हर मोहल्ला, हर गांव और हर घर तक पार्टी की बात पहुंचानी है। नेतृत्व चाहता है कि यह दौरा सिर्फ भाषण तक सीमित न रहे, बल्कि पार्टी की कार्यशैली में नई गति लाए।
जेपी आवास: विचारधारा को सलाम
पटना में रहते हुए नितिन नवीन लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आवास भी जाएंगे। यह सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि भाजपा की वैचारिक जड़ों से जुड़ने का संदेश भी है—कि राजनीति सिर्फ सत्ता नहीं, सिद्धांत भी है।
विधानसभा में पहली दस्तक
10 फरवरी को नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बिहार विधानसभा जाएंगे। भाजपा विधायक उनका अभिनंदन करेंगे। इसे संगठन के भीतर एकजुटता और नेतृत्व के प्रति भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
बांकीपुर से जनता से सीधा संवाद
विधानसभा कार्यक्रम के बाद वे बांकीपुर जाएंगे, जहां आम लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलकर स्थानीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे। पार्टी इसे जमीनी फीडबैक लेने की पहल मान रही है।
पहले भी दिख चुका है उत्साह
जब नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, तब पटना में उनका भव्य स्वागत हुआ था। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनका यह पहला दौरा भाजपा के लिए और भी खास बन गया है।
सार यही है
पटना से नितिन नवीन यह संदेश देना चाहते हैं कि संगठन की ताकत नीचे से ऊपर बनती है—और अब उसी ताकत को नई ऊर्जा और नई दिशा दी जाएगी।


