Union Cabinet of India की पहली बैठक, केरल का नाम बदलने पर मंथन

सेवा तीर्थ में नए प्रधानमंत्री कार्यालय शिफ्ट होने के बाद आज प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हो रही है। इस बैठक से पहले ही एक अहम चर्चा ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है—केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने का प्रस्ताव। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार केरल सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर विचार कर सकती है और इसे हरी झंडी मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।


‘केरल’ से ‘केरलम’ करने की मांग क्यों?

केरल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने की मांग की थी। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि ‘केरलम’ नाम मलयालम भाषा, राज्य की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है।

उनका तर्क है कि राज्य की मूल भाषा और परंपरा के अनुरूप आधिकारिक नाम होना चाहिए, जिससे सांस्कृतिक अस्मिता को और मजबूती मिले।


विधानसभा ने भी पारित किया प्रस्ताव

जून 2024 में Kerala Legislative Assembly ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें आधिकारिक दस्तावेजों में राज्य का नाम ‘केरल’ की जगह ‘केरलम’ करने की मांग की गई थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan को भी पत्र भेजा जा चुका है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि ‘केरलम’ राज्य की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का अधिक प्रामाणिक प्रतिनिधित्व करता है।


क्या हो सकता है अगला कदम?

अगर केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इसके लिए संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें संसद की स्वीकृति भी आवश्यक होगी। फिलहाल कैबिनेट बैठक जारी है और आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

अब नजर इस बात पर है कि क्या केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है और क्या ‘केरल’ जल्द ही आधिकारिक तौर पर ‘केरलम’ बन जाएगा।

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