परशुरामपुर में आग का तांडव! देखते ही देखते राख हो गए दो आशियाने; सबकुछ गँवा बैठे दो परिवार, मची अफरा-तफरी

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • भीषण अग्निकांड: पीरपैंती प्रखंड के परशुरामपुर पंचायत में अचानक लगी आग से मचा हड़कंप।
  • बड़ी क्षति: विद्यानंद यादव और नारद यादव के घर जलकर राख; अनाज, कपड़े और बर्तन हुए नष्ट।
  • बचाव कार्य: मुखिया पवन यादव और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू।
  • गुहार: पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे और सहायता की लगाई मांग।

भागलपुर: होली के उल्लास के बीच भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ परशुरामपुर पंचायत में अचानक लगी भीषण आग ने दो गरीब परिवारों के सिर से छत छीन ली। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक फूस और चाचरी से बने दो घर पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गए। इस हादसे ने इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

सबकुछ हुआ खाक: दाने-दाने को मोहताज हुए दो परिवार

​जानकारी के अनुसार, यह भीषण आग पंचायत के विद्यानंद यादव और नारद यादव के घरों में लगी।

  • नुकसान का आकलन: आग इतनी भयावह थी कि घर के अंदर रखा दैनिक उपयोग का सारा सामान, साल भर का अनाज, पहनने वाले कपड़े और बर्तन तक जल गए।
  • बेघर: दोनों परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। अचानक हुई इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है और वे पूरी तरह से टूट चुके हैं।

मुखिया और ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा खतरा

​जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, परशुरामपुर पंचायत के मुखिया पवन यादव तुरंत मौके पर पहुँचे।

  1. सामूहिक प्रयास: मुखिया ने बिना देर किए ग्रामीणों को एकजुट किया और बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का काम शुरू किया।
  2. घेराबंदी: ग्रामीणों की सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के कारण आग को फैलने से रोका गया, जिससे आसपास के अन्य दर्जनों घरों को जलने से बचा लिया गया।

मुआवजे की मांग: प्रशासन के पाले में गेंद

​घटना के बाद पीड़ित परिवारों के पास अब कुछ भी नहीं बचा है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधि ने जिला प्रशासन और अंचलाधिकारी से मांग की है कि:

  • ​तत्काल राहत सामग्री (तिरपाल, राशन) उपलब्ध कराई जाए।
  • ​अग्नि पीड़ित योजना के तहत सरकारी मुआवजा जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों के खाते में भेजा जाए।

VOB का नजरिया: पछुआ हवा और फूस के घर—सावधानी जरूरी

​मार्च का महीना शुरू होते ही पछुआ हवाओं के साथ आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीण इलाकों में फूस और चाचरी के घर आग के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ अपील करता है कि खाना बनाने के बाद आग को पूरी तरह बुझा दें और सतर्क रहें। प्रशासन को भी चाहिए कि अग्नि पीड़ितों को बिना किसी कागजी देरी के सहायता प्रदान करे।

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