बिहार के 53 पुलिस अधिकारियों पर FIR दर्ज, कारण जान रह जाएंगे हैरान

गोपालगंज में 53 पुलिस अधिकारियों पर FIR: इतने बड़े संख्या में आईओ पर मामला दर्ज करने के आदेश से पुलिस महकमे से लेकर आम जनता के बीच भी चर्चाओं का बाजार गर्म है. चर्चा इस बात की है कि आखिर क्यों एसपी ने इतना बड़ा आदेश दिया है.

क्या है FIR करने का कारण?: दरअसल इस संदर्भ में बताया जाता है कि 53 ऐसे पुलिस पदाधिकारी हैं, जो किसी न किसी मामले में जांच अधिकारी (आईओ) थे. जब इनका तबादला दूसरे जिलों में हुआ, तो उन्होंने केस का प्रभार नए अधिकारियों को नहीं सौंपा. इसके परिणामस्वरूप, कई मामले लंबित रह गए.

FIR On Bihar Police officer
5-10 साल पुराने मामले: इन्हीं अनियमितताओं के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 316(5) के तहत इन सभी 53 पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें कुचायकोट, गोपालपुर, महम्मदपुर और बरौली थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी रिपोर्ट के आधार पर, इन अधिकारियों पर आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है. ये सभी मामले पांच से दस साल पुराने बताए जा रहे हैं.
किस थाने में किस अधिकारी पर दर्ज हुआ मामला: जिन 53 पुलिस अधिकारियों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें कुचायकोट थाने में सुमन कुमार मिश्रा , अवधेश कुमार, कृष्णा तिवारी, शंभू मांझी, रितेश कुमार सिंह, भगवान तिवारी, अंबिका प्रसाद मंडल, रामवृक्ष पासवान, अर्जुन प्रसाद, अजय कुमार, बिनोद कुमार पर मामला दर्ज है.

गोपालपुर और बरौली थाने में FIR: वहीं गोपालपुर थाने में अनिल कुमार सिंह, कपिलदेव सिंह, सोमारू राम और बरौली थाने में मुनीलाल सिंह, गिरजा प्रसाद सिंह, एमके तिवारी, रामबली सिंह, डोमन रजक, विजय कुमार सिंह, चंद्रिका प्रसाद, महामाया प्रसाद, जितेंद्र कुमार सिंह, रूपेश कुमार मिश्रा, बदरी प्रसाद यादव, दिलीप कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर किया गया है. जबकि महम्मदपुर थाने में अनिल कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, बागेश्वर राम पर मामला दर्ज है.

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