एग्जिट पोल में जानिए क्या है अनंत सिंह का हाल: हाई कॉन्फिडेंस के साथ करवा रहे हैं ‘महाभोज’ की तैयारी

पटना 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल आने के बाद अब मोकामा सीट (Mokama Seat) एक बार फिर सुर्खियों में है।
यह सीट सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का धड़कता दिल मानी जाती है — और वजह हैं अनंत सिंह (Anant Singh)
जेल में बंद होने के बावजूद अनंत सिंह के समर्थक हाई कॉन्फिडेंस में हैं और उनके गांव में ‘महाभोज की तैयारी’ शुरू कर दी गई है।

🔹 मोकामा सीट पर हाई-वोल्टेज मुकाबला

इस बार मोकामा से मुकाबला है अनंत सिंह बनाम वीणा देवी (NDA प्रत्याशी)
एग्जिट पोल्स के मुताबिक यहां कड़ा संघर्ष (Tight Contest) देखने को मिल सकता है।
कुछ सर्वे एजेंसियों ने बताया है कि यह ‘फोटो फिनिश’ सीट साबित हो सकती है।

“अनंत भइया की लहर गांव-गांव में है, इस बार भी जीत उन्हीं की होगी,”
अनंत सिंह के समर्थक ने कहा।

वहीं वीणा देवी का दावा है कि

“जनता अब विकास चाहती है, न कि डर का माहौल।”

🔹 एग्जिट पोल का संकेत — कांटे की टक्कर

नवीनतम एग्जिट पोल्स के अनुसार —

  • एनडीए को मिल सकती हैं: 121 सीटें
  • महागठबंधन को मिल सकती हैं: 119 सीटें

यानी, सत्ता की बाजी बहुत पतले अंतर पर फंस सकती है।
ऐसे में मोकामा, पालीगंज, ढाका, हरलखी जैसी करीबी मुकाबले वाली सीटें (Tight Seats) अंतिम नतीजे तय करने में किंगमेकर साबित हो सकती हैं।

इन हॉट सीटों पर टिकी हैं सबकी निगाहें

एग्जिट पोल्स ने कुछ प्रमुख ‘हॉट सीट्स’ की पहचान की है, जहां टक्कर बेहद दिलचस्प बताई जा रही है —

  • मोकामा (अनंत सिंह बनाम वीणा देवी)
  • कल्याणपुर
  • ढाका
  • हरलखी
  • नरपतगंज
  • बेनीपुर
  • बलरामपुर
  • इस्लामपुर
  • पालीगंज

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन सीटों के नतीजे ही बिहार की सत्ता की दिशा तय करेंगे।

🔹 अनंत सिंह की रणनीति: जेल से भी मैदान में सक्रिय

भले ही अनंत सिंह इस समय जेल में हैं, लेकिन उनका संगठन और नेटवर्क जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत बताया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में उनके समर्थकों ने मतदान के दिन बूथों पर बड़ी संख्या में लोगों को सक्रिय किया।
सूत्रों के अनुसार, उनके गांव में महाभोज की तैयारी पहले से चल रही है, जिसे समर्थक उनकी “संभावित जीत का उत्सव” बता रहे हैं।

🔹 वीणा देवी ने दी कड़ी टक्कर

वहीं, एनडीए प्रत्याशी वीणा देवी ने भी इस बार पूरी ताकत झोंक दी।
उन्होंने घर-घर संपर्क अभियान चलाकर मोकामा में महिला वोटरों और नए मतदाताओं को साधने की कोशिश की।
उनका कहना है कि —

“यह चुनाव अब जाति नहीं, काम पर लड़ा जा रहा है। जनता बदलाव चाहती है।”

🔹 121 बनाम 119 — बिहार में रोमांचक फाइनल की तैयारी

एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में इस बार मुकाबला बेहद रोमांचक रहने वाला है।
एनडीए को 121 और महागठबंधन को 119 सीटों का अनुमान यह दिखाता है कि
सिर्फ 1-2 सीटें ही सत्ता की चाबी बन सकती हैं।
मोकामा जैसी सीटें उस “निर्णायक बैलेंस” की भूमिका निभा सकती हैं, जो पूरे राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल दे।

14 नवंबर को खुलेगा परिणामों का पिटारा

सभी 243 सीटों की मतगणना 14 नवंबर 2025 को होगी।
इसी दिन यह तय होगा कि
क्या अनंत सिंह जेल से जीत का इतिहास दोहराएंगे,
या वीणा देवी एनडीए के लिए यह सीट वापस जीत लेंगी।

एग्जिट पोल्स हैं संकेत, नतीजे हो सकते हैं अलग

विशेषज्ञों का कहना है कि एग्जिट पोल्स केवल रुझान होते हैं —
अंतिम फैसला वोटों की गिनती के बाद ही तय होगा।
2020 की तरह इस बार भी नतीजे कई जगह एग्जिट पोल्स को चौंका सकते हैं।

मोकामा बनेगा बिहार चुनाव का केंद्रबिंदु

मोकामा की राजनीति हमेशा से सत्ता के समीकरणों का बैरोमीटर रही है।
इस बार भी यह सीट बिहार की राजनीति की सबसे चर्चित लड़ाई मानी जा रही है।
नतीजे चाहे जो हों,
अनंत सिंह बनाम वीणा देवी का मुकाबला आने वाले वर्षों तक बिहार की राजनीति में मिसाल बनकर याद किया जाएगा।

📍 रिपोर्ट: पटना ब्यूरो | संपादन: कुमार आदित्य

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