आर्थिक तंगी ने लील लिया परिवार, पत्नी-दो बच्चों को मार डाला फिर व्यक्ति ने खुदकुशी कर ली

पंजाब के बठिंडा के में आर्थिक तंगी व कर्ज से परेशान एक ट्रेडर ने अपनी पत्नी और दो बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मृतकों की पहचान दविंदर गर्ग (41), उनकी पत्नी मीना गर्ग (38), बेटे आरुष गर्ग (14) और बेटी मुस्कान गर्ग (10) के तौर पर हुई है। मृतक ने मरने से पहले एक खुदकुशी नोट लिखा, जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज को अपनी मौत का कारण बताते हुए नौ ऐसे लोगों के नाम लिखे हैं, जो उसे पैसे के लिए परेशान करते थे।

बठिंडा की ग्रीन सिटी कालोनी की कोठी नंबर 284 में किराये पर रहने वाले दविंदर गर्ग प्राइवेट कंपनी के जरिए ट्रेडिंग का काम करते थे। लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। वहीं करोड़ों का कर्ज भी सिर पर चढ़ गया था। इससे दविंदर परेशान रहने लगा था। गुरुवार दोपहर करीब चार बजे उसने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।

घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी भूपिंदर जीत सिंह विर्क पुलिस पार्टी समेत मौके पर पहुंचे और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने बरामद रिवॉल्वर की जांच की। खुदकुशी नोट को पुलिस ने कब्जे में लेकर चारों शवों को समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों की सहायता से सिविल अस्पताल पहुंचाया।

एसएसपी भूपिंदर जीत सिंह विर्क ने बताया कि दविंदर गर्ग बिटकॉइन कंपनी की ट्रेडिंग का काम करता था। उसने लोगों के पंद्रह करोड़ रुपये कंपनी में लगवाए थे। इन्हें वापस कर पाने में वह असमर्थ था। इसी परेशानी में दविंदर ने पहले अपने बच्चों और पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में खुदकुशी कर ली।

दविंदर का लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद कर पुलिस ने दविंदर गर्ग के खिलाफ हत्या एवं धारा 306 के तहत केस दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि 8 अक्तूबर 2020 को भी इसी तरह का मामला थाना दयालपुरा पुलिस ने दर्ज किया था। बठिंडा के गांव हमीरगढ़ के रहने वाले 32 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपने तीन छोटे व मासूम बच्चों की हत्या कर उनके शवों को फंदे से लटका दिया था। इसके बाद उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

 

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