
भागलपुर में एक एनजीओ की फास्टेक प्रशिक्षण टीम पर हमला और मारपीट का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। KVGVM नामक संस्था ने जीरोमाइल स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, उनकी टीम कहलगांव के एकचारी थाना क्षेत्र में फास्टेक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत पंजीकरण कार्य कर रही थी। यह कार्यक्रम केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन की अनुमति से संचालित किया जा रहा था। संस्था का दावा है कि 24 फरवरी को जीरोमाइल स्थित एक विवाह भवन में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था और उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं।
एनजीओ के अनुसार, पंजीकरण के दौरान अचानक कुछ स्थानीय लोगों ने टीम के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। इस घटना में टीम हेड सहित कई सदस्य घायल हो गए। संस्था ने रौशन सिंह और एक यूट्यूबर बादल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर टीम पर हमला किया।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि हमलावरों ने प्रशिक्षण के लिए आए 50-60 प्रतिभागियों से जमा की गई पंजीकरण राशि भी जबरन छीन ली। जिला समन्वयक जैनी कुमार ने बताया कि आरोपियों ने दबाव बनाकर करीब 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए, जबकि 1500 रुपये नकद भी छीन लिए गए।
घटना के बाद पीड़ित संस्था ने वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो सामाजिक और प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
फिलहाल, सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाता है।


