
दिल्ली के पूर्वी इलाके में एक चर्चित यूट्यूबर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। मंडावली निवासी 31 वर्षीय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पुष्पेंद्र उर्फ आकाश का शव आनंद विहार क्षेत्र के एक खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच से बरामद किया गया। घटना के बाद परिवार में भारी आक्रोश है और परिजनों ने लूटपाट के बाद हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
शनिवार से लापता थे यूट्यूबर आकाश
मिली जानकारी के अनुसार आकाश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले थे, लेकिन पिछले कई वर्षों से दिल्ली के मंडावली इलाके में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार में माता-पिता, पत्नी और तीन साल की बेटी शामिल हैं।
आकाश सोशल मीडिया पर फैशन से जुड़े वीडियो बनाते थे और अपने कपड़ों के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए इंस्टाग्राम और यूट्यूब का इस्तेमाल करते थे। बताया जा रहा है कि उनका “स्टाइलिंग” नाम से कपड़ों का शोरूम भी था।
परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे आकाश करीब डेढ़ लाख रुपये नकद लेकर गांधी नगर मार्केट के लिए निकले थे। इसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। फोन बंद होने के बाद परिवार को शक हुआ और उन्होंने मंडावली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
परिजनों ने खुद ढूंढी आखिरी लोकेशन
परिवार का आरोप है कि पुलिस की ओर से शुरुआती स्तर पर खोजबीन में गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसके बाद परिजनों ने खुद ही मोबाइल की आखिरी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की।
मोबाइल की अंतिम लोकेशन आनंद विहार इलाके के टेलको टी-प्वाइंट के पास बताई गई। सोमवार शाम जब परिजन वहां पहुंचे और आसपास तलाश शुरू की तो एक डीडीए के खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच आकाश का शव पड़ा मिला।
बताया जा रहा है कि शव से कुछ दूरी पर उनका मोबाइल फोन भी बंद हालत में बरामद हुआ।
परिजनों का आरोप – लूट के बाद की गई हत्या
परिवार का कहना है कि जब शव मिला तो आकाश के पास से डेढ़ लाख रुपये नकद और उनकी सोने की चेन गायब थी। परिजनों को शक है कि किसी ने पहले उन्हें जहरीला पदार्थ खिलाया और फिर लूटपाट कर उनकी हत्या कर दी।
इस घटना से नाराज परिवार और स्थानीय लोगों ने मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर मंडावली थाने का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो शायद आकाश की जान बच सकती थी।
पुलिस पर रिश्वत लेने का भी आरोप
परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आकाश के भाई का आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकालने के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत भी ली थी।
परिवार का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही मामले में देरी हुई और जांच समय पर आगे नहीं बढ़ सकी।
पुलिस ने कहा – जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला हत्या का प्रतीत नहीं हो रहा है, लेकिन मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आकाश की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। साथ ही रिश्वतखोरी के आरोपों की भी विभागीय जांच शुरू की गई है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले की असली सच्चाई सामने आएगी।


