
- कृष्णानंद स्टेडियम में ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा: निर्धारित समय तक कोई नहीं कर सका गोल, पेनाल्टी शूटआउट (टाई-ब्रेकर) में बांका ने 4-2 से मारी बाजी
- अमरेंद्र मोहन मेमोरियल टूर्नामेंट: क्वार्टर फाइनल जीतकर बांका शान से सेमीफाइनल में; मुबारचक (मुंगेर) की टीम ने भी दिखाया दम, पर अंत में मिली हार
- दिग्गजों का जमावड़ा: गृह मंत्रालय के सलाहकार निशांत सिंह ने किया उद्घाटन; अरुण सिंह और बंटी सिंह भी रहे मौजूद
द वॉयस ऑफ बिहार (सुल्तानगंज/भागलपुर)
भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित कृष्णानंद स्टेडियम में चल रहे कुमार अमरेंद्र मोहन मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट के तीसरे दिन दर्शकों को सांसें थाम देने वाला मुकाबला देखने को मिला। क्वार्टर फाइनल मैच में बांका (Banka) और मुबारचक, मुंगेर (Munger) की टीमें आमने-सामने थीं। कड़े संघर्ष और रोमांचक मोड़ के बाद बांका की टीम ने सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है।
टाई-ब्रेकर में हुआ फैसला
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया।
- निर्धारित समय: दोनों ही टीमें एक-दूसरे के गोल पोस्ट पर हमले करती रहीं, लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और मुकाबला बराबरी पर छूटा।
- टाई-ब्रेकर का रोमांच: मैच का फैसला टाई-ब्रेकर (Try Breaker) के जरिए हुआ। इसमें बांका के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 गोल दागे, जबकि मुबारचक (मुंगेर) की टीम केवल 2 गोल ही कर सकी। इस तरह बांका ने 2 गोल के अंतर से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
निशांत सिंह ने किया उद्घाटन
मैच का उद्घाटन मुख्य अतिथि निशांत सिंह (सलाहकार, राजभाषा, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं सदस्य, रेलवे सलाहकार समिति) ने किया।
- सम्मान: आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य लोगों को अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित किया गया।
- विशिष्ट अतिथि: इस मौके पर अरुण स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष अरुण सिंह, समाजसेवी शत्रुघ्न चौधरी, समाजसेवी अश्वनी कुमार उर्फ बंटी सिंह और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिला संयोजक भजनदेव मांझी विशेष रूप से उपस्थित थे।
रेफरी और आयोजन समिति
इस रोमांचक मुकाबले में धर्मेंद्र कुमार, मनोज मंडल, दयानंद कुमार और उपेंद्र मंडल ने रेफरी की भूमिका बखूबी निभाई।
टूर्नामेंट को सफल बनाने में खिलाड़ी शशि कुमार चौधरी, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, दिनेश कुमार साह, संदीप पांडेय, अरुण कुमार गुप्ता और अन्य स्थानीय निवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


