नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘एग्जाम वॉरियर्स’ (छात्रों) के साथ सीधा संवाद किया। पीएम ने छात्रों से कहा कि परीक्षा महज खुद को परखने का एक जरिया है, यह जिंदगी का आखिरी पड़ाव नहीं है। उन्होंने गेमिंग के शौकीन बच्चों से कहा कि वे खेलने के बजाय गेम बनाने (Developer) पर फोकस करें।
पीएम मोदी के 5 बड़े ‘सक्सेस मंत्र’
1. अपनी स्टाइल, अपनी रफ्तार (Your Style, Your Pace)
एक छात्र ने पूछा कि टीचर्स कुछ और कहते हैं, पेरेंट्स कुछ और… किसकी सुनें?
- पीएम का जवाब: “जैसे एक ही घर में भाई-बहन के खाने का तरीका अलग होता है, वैसे ही पढ़ने का तरीका भी सबका अलग होता है। कोई रात में पढ़ता है, कोई सुबह। सुनो सबकी, लेकिन अपना पैटर्न तभी बदलो जब आपको लगे कि इसकी जरूरत है। किसी की नकल मत करो, अपने तरीके (Rhythm) पर भरोसा रखो।”
2. शिक्षकों के लिए नसीहत: ‘दिमाग की जुताई करें’
एक छात्र ने कहा कि स्कूल की पढ़ाई की स्पीड से हम मैच नहीं कर पाते।
- पीएम का जवाब: शिक्षकों को छात्रों से 50 कदम आगे नहीं, बस एक कदम आगे रहना चाहिए।
- खेती का उदाहरण: “जैसे किसान बीज बोने से पहले खेत की जुताई करता है, वैसे ही शिक्षकों को पढ़ाने से पहले छात्रों के ‘दिमाग की जुताई’ करनी चाहिए। अगले हफ्ते क्या पढ़ाना है, यह बच्चों को पहले बता दें ताकि वे रिसर्च करके आएं। इससे क्लास में जिज्ञासा बढ़ेगी।”
3. मार्क्स बनाम स्किल: ‘दोनों जुड़वा भाई-बहन हैं’
नंबर जरूरी हैं या स्किल? इस सवाल पर पीएम ने कन्फ्यूजन दूर किया।
- पीएम का जवाब: “शिक्षा और स्किल जुड़वा भाई-बहन हैं। किताबें ज्ञान देती हैं, लेकिन प्रैक्टिस आपको प्रोफेशनल बनाती है।”
- रियलिटी चेक: “क्या आपको याद है कि पिछले साल बोर्ड में किसने टॉप किया था? शायद नहीं। इसलिए नंबरों के पीछे मत भागो, जीवन जीने का कौशल सीखो। मार्कशीट कुछ पलों के लिए याद रहती है, लेकिन आपकी काबिलियत हमेशा साथ रहती है।”
4. गेमिंग और टेक्नोलॉजी: ‘AI से काम चोरी नहीं, होशियारी सीखें’
- गेमिंग पर: “गेमिंग बुरी नहीं है, लेकिन इसमें जुआ (Gambling) मत ढूंढो। अगर गेम पसंद है, तो भारत की कहानियों (जैसे पंचतंत्र) पर खुद गेम बनाओ।”
- AI पर: “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शॉर्टकट के लिए मत करो। AI से यह मत पूछो कि किताब की समरी क्या है, बल्कि यह पूछो कि मुझे कौन सी किताब पढ़नी चाहिए। टेक्नोलॉजी को अपना टीचर बनाओ, चीटिंग का जरिया नहीं।”
5. टेंशन को ऐसे करें ‘टाटा-बाय बाय’
- बीता कल भूल जाओ: “अतीत का रोना मत रोओ। जो सामने है (Present), वही भगवान का सबसे बड़ा ‘प्रेजेंट’ (तोहफा) है।”
- कंफर्ट जोन से निकलो: “जिंदगी रजाई में बैठकर नहीं बनती। जो बच्चे अभावों में रहते हैं, वे भी टॉप करते हैं। सपने देखना कोई अपराध नहीं है, बस उन्हें पूरा करने के लिए एक्शन लो।”
खास पल: जब पीएम को पसंद आया ‘गमोसा’
पीएम मोदी ने छात्रों का स्वागत असम के पारंपरिक ‘गमोसा’ के साथ किया। उन्होंने कहा, “यह गमोसा मेरी सबसे प्रिय वस्तु है। यह पूर्वोत्तर की महिलाओं की शक्ति और हुनर का प्रतीक है।”
नोट: इस पूरे कार्यक्रम का प्रसारण टीवी पर 9 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे किया जाएगा।


