HIGHLIGHTS: भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘इकोनॉमिक’ स्ट्राइक; अब फाइलों में नहीं चलेगा ‘खेल’
- बड़ा बदलाव: सरकारी विभागों के सभी टेंडरों की अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) करेगी सीधी मॉनिटरिंग; 5 अफसरों की टीम गठित।
- सॉफ्टवेयर में सेंध: अवैध खनन के खेल में OTP प्रमाणीकरण को दरकिनार कर 325 करोड़ रुपये के राजस्व को लगाया गया चूना।
- जन्नत भैया का ‘धंधा’ बंद: सरकारी स्कूलों के पेपर लीक कर यूट्यूब पर बेचने वाला मास्टरमाइंड सरफराज गिरफ्तार।
- ED का शिकंजा: 21 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति के मामले प्रवर्तन निदेशालय (ED) को ट्रांसफर; PMLA के तहत होगी कुर्की।
- इंजीनियर का ‘नेपाल कनेक्शन’: ऊर्जा विभाग के इंजीनियर मनोज रजक के पास आय से 66% अधिक संपत्ति; नेपाल में भी मिले जमीन के कागजात।
पटना | 21 मार्च, 2026
बिहार में अब सरकारी तिजोरी पर हाथ साफ करना आसान नहीं होगा। नीतीश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को ‘सुपर पावर’ दी गई है। अब सिंचाई, सड़क, या ऊर्जा—किसी भी विभाग का टेंडर हो, उस पर EOU की तीसरी आंख बनी रहेगी। शुक्रवार को पटना के सरदार पटेल भवन में एसपी पंकज कुमार ने जिस तरह के खुलासे किए, उसने सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालयों तक हड़कंप मचा दिया है।
टेंडर में पारदर्शिता का ‘नया डिजिटल ढाल’
सरकारी निविदाओं (Tenders) में अक्सर ‘पूलिंग’ या खास कंपनियों को फायदा पहुंचाने की शिकायतें आती थीं।
- स्पेशल 5: एसपी के मार्गदर्शन में एक विशेष 5 सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो टेंडर प्रक्रिया के शुरू से अंत तक की निष्पक्षता जांचेगी।
- पहली बार: बिहार पुलिस के इतिहास में यह पहली बार है जब सरकारी टेंडरिंग की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित टीम EOU के भीतर काम करेगी।
अवैध खनन: 17 जिलों में 325 करोड़ की ‘सॉफ्टवेयर डकैती’
EOU की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। अवैध बालू और पत्थर खनन में माफियाओं ने विभाग के सॉफ्टवेयर में ही सेंध लगा दी:
- OTP बाईपास: टेंडर प्रक्रिया में सुरक्षा के लिए जरूरी OTP प्रमाणीकरण को अनदेखा कर कई अपात्र कंपनियों को मान्यता दे दी गई।
- राजस्व की हानि: इस गड़बड़ी से बिहार सरकार को 325 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ है।
- मुकदमे: अवैध खनन से जुड़े जिलों में अब तक 62 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
बड़े घोटाले और गिरफ्तारियां: ‘आवामी लीग’ से ‘यूट्यूब’ तक
- बैंकिंग फ्रॉड: आवामी लीग और वैशाली सहकारिता बैंक में 101 करोड़ के घोटाले में बीएसएनएल कर्मी संतोष कुमार समेत 4 लोग दबोचे गए हैं।
- यूट्यूब वाला ‘जन्नत’: कक्षा 3 से 8 तक के प्रश्न-पत्र हल करके यूट्यूब पर बेचने वाले ‘जन्नत भैया’ (सरफराज) को भी ईओयू ने सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। वह यूपीआई के जरिए पैसे लेकर पेपर लीक करता था।
VOB का नजरिया: क्या ‘जांच टीम’ काफी है या सिस्टम ही बदलना होगा?
EOU का टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना भ्रष्टाचार रोकने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि सॉफ्टवेयर में ओटीपी बाईपास कर 325 करोड़ की चोरी होना यह बताता है कि अपराधी अब तकनीक में प्रशासन से दो कदम आगे हैं।
सिर्फ टीम बनाने से काम नहीं चलेगा; ईओयू को अपने साथ ‘साइबर एक्सपर्ट्स’ की फौज भी रखनी होगी। ऊर्जा विभाग के इंजीनियर का ‘नेपाल में जमीन खरीदना’ यह संकेत देता है कि काले धन का रूट अब अंतरराष्ट्रीय हो चुका है। जन्नत भैया जैसे अपराधियों का यूट्यूब पर पेपर बेचना हमारी परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उम्मीद है कि ईओयू की यह ‘5 सदस्यीय टीम’ केवल फाइलें नहीं देखेगी, बल्कि उस नेक्सस को तोड़ेगी जो दशकों से सरकारी मलाई को डकार रहा है।


