अंतरजातीय प्रेम विवाह से भड़का साला, सरेराह चाकू गोदकर जीजा को उतारा मौत के घाट; मां-बाप के साथ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

न्यूज डायरी: प्यार, पलायन और प्रतिशोध की खूनी दास्तान

  • बड़ी वारदात: दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के अस्थुआ गांव में सोमवार को सरेराह एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।
  • हत्या का कारण: अंतरजातीय प्रेम विवाह। मृतक ने आरोपी की बहन से पांच साल के प्रेम प्रसंग के बाद कोलकाता में शादी की थी।
  • मृतक की पहचान: 27 वर्षीय शंकर ठाकुर, जो मूल रूप से अस्थुआ गांव का निवासी था और कोलकाता में टैक्सी चालक के रूप में कार्यरत था।
  • हमलावर: साला आलोक राय। उसने अपने माता-पिता के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
  • बीच-बचाव में घायल: हमले के दौरान शंकर को बचाने आए शिवम नामक युवक पर भी चाकू से वार किया गया, जिसका उपचार जारी है।
  • पुलिसिया कार्रवाई: सिंहवाड़ा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी आलोक राय, उसके पिता और मां को हिरासत में ले लिया है।
  • VOB इनसाइट: 21वीं सदी के बिहार में जहाँ हम विकास और डिजिटल क्रांति की बात कर रहे हैं, वहां ‘जाति’ का जहर आज भी युवाओं की रगों में नहीं, बल्कि समाज की सोच में घुला हुआ है। दरभंगा की यह घटना केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि उस संकीर्ण मानसिकता का प्रकटीकरण है जो ‘कुल की मर्यादा’ के नाम पर खून के रिश्तों को भी भूल जाती है। शंकर और उसकी पत्नी ने जिस प्रेम को जीवन माना, समाज और परिवार के एक हिस्से ने उसे अपनी ‘हार’ समझ लिया। यह ऑनर किलिंग (Honor Killing) की श्रेणी में आने वाला मामला है, जो सुशासन के दौर में सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

दरभंगा | 30 मार्च, 2026

​मिथिलांचल के हृदय स्थल दरभंगा में सोमवार की सुबह खुशियों और उम्मीदों के बजाय बारूद और खून की गंध के साथ शुरू हुई। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र का अस्थुआ गांव, जो आमतौर पर अपनी शांति के लिए जाना जाता है, आज एक ऐसी वारदात का गवाह बना जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक युवक, जिसने समाज की रूढ़ियों को तोड़कर प्यार का हाथ थामा था, उसे उसी प्यार की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, अंतरजातीय विवाह के प्रतिशोध में एक साले ने अपने ही जीजा को सरेआम मौत की नींद सुला दिया।

वारदात का खौफनाक मंजर: सरेराह चाकूबाजी और चीख-पुकार

​सोमवार की सुबह जब 27 वर्षीय शंकर ठाकुर गांव की एक गली से गुजर रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आलोक राय ने उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तीखी नोकझोंक से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते आलोक ने अपना आपा खो दिया। उसने अपनी कमर से धारदार चाकू निकाला और शंकर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। शंकर के सीने और पेट पर कई गहरे जख्म लगे, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और तड़पने लगा।

​जब गांव का ही एक युवक शिवम इस खूनी संघर्ष को देख बीच-बचाव करने पहुँचा, तो आरोपी आलोक ने उस पर भी हमला कर दिया। शिवम के हाथ और कंधे पर चोटें आई हैं। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलने तक शंकर की सांसें थम चुकी थीं। खून से लथपथ उसका शरीर समाज की उस कड़वी हकीकत को बयां कर रहा था जहाँ प्यार करना आज भी सबसे बड़ा जोखिम है।

पांच साल का प्रेम और कोलकाता का ‘सिक्रेट’ निकाह

​शंकर ठाकुर और उसकी प्रेमिका (अब पत्नी) का घर अस्थुआ गांव में एक-दूसरे के बिल्कुल सामने है। पड़ोसी होने के नाते दोनों के बीच करीब पांच साल पहले प्रेम प्रसंग शुरू हुआ था। हालांकि, दोनों अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखते थे, इसलिए उनके प्रेम को समाज की स्वीकृति मिलना नामुमकिन लग रहा था।

​शंकर कोलकाता में रहकर कैब चलाता था और अपनी मेहनत से अपनी दुनिया संवार रहा था। करीब 20 दिन पहले वह गांव आया था। उसे पता था कि लड़की का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ है। इसी बीच, शंकर अपनी प्रेमिका को उसके परिवार की नजरों से बचाकर चुपके से कोलकाता ले गया। वहां दोनों ने अपनी मर्जी से अंतरजातीय विवाह कर लिया। शंकर को लगा कि शहर की भीड़ में वे सुरक्षित रहेंगे और शायद वक्त बीतने के साथ लड़की के परिजन मान जाएंगे। लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि नफरत की आंच कोलकाता से होते हुए वापस अस्थुआ के उसके घर तक पहुँच चुकी है।

प्रतिशोध की आग: जब साला बना यमराज

​लड़की के परिजनों को जब इस विवाह की भनक लगी, तो उनकी ‘जातीय श्रेष्ठता’ को गहरी चोट पहुँची। विशेष रूप से लड़की का भाई आलोक राय इस रिश्ते को अपनी तौहीन मान रहा था। शंकर जैसे ही कोलकाता से वापस गांव लौटा, आलोक और उसके परिवार ने उसकी निगरानी शुरू कर दी। सोमवार को जैसे ही शंकर अकेला मिला, आलोक ने अपना प्रतिशोध पूरा कर लिया।

​पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी साजिश में आलोक के माता-पिता की भी मौन सहमति या सक्रिय भूमिका थी। यही कारण है कि पुलिस ने केवल आलोक को ही नहीं, बल्कि उसके पिता और मां को भी हिरासत में लिया है। शंकर की हत्या केवल एक गुस्से का परिणाम नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से की गई ‘ऑनर किलिंग’ का मामला नजर आ रहा है।

पुलिसिया कार्रवाई: तीन हिरासत में, गांव में तनाव

​सिंहवाड़ा थाना प्रभारी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। शंकर के शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलन किया है और आरोपी के घर पर छापेमारी कर तीन लोगों को दबोच लिया है।

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