बिहार बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में आपदा प्रबंधन को लेकर जोरदार चर्चा हुई। सदन में कई विधायक ने अनुमंडल स्तर पर SDRF (State Disaster Response Force) की तैनाती और संसाधनों में सुधार की मांग उठाई।
SDRF का विस्तार और प्रशिक्षण
मंत्री विजय चौधरी ने सदन को बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल का गठन इसी सरकार की सोच का परिणाम है और इसका विस्तार कार्यक्रम जारी है। SDRF का मुख्यालय बिहटा में स्थापित किया गया है। कैडर्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि SDRF का नेटवर्क अनुमंडल स्तर तक बढ़ाया जाए, ताकि आपात स्थितियों में त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।
डूबने से हुई जनहानि
बेगूसराय के विधायक कुंदन कुमार ने सदन में बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य में डूबने से 2547 लोगों की मौत हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जिला मुख्यालयों की बजाय अनुमंडल स्तर पर SDRF तैनात की जाएगी और क्या टीमों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। सीतामढ़ी और छातापुर के विधायक भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखे।
सरकार का आश्वासन
मंत्री विजय चौधरी ने आश्वस्त किया कि SDRF का विस्तार अनुमंडल स्तर तक किया जाएगा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में समय पर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
इस कदम से बिहार में आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने और जनहानि को कम करने की कोशिश की जा रही है।


