पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2005 से पहले जहां गांवों में पांच घंटे भी बिजली नहीं मिलती थी, वहीं आज पूरे बिहार में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
समृद्धि यात्रा के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से महीने में 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
1.90 करोड़ परिवारों में से 1.70 करोड़ का बिजली बिल शून्य
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार के करीब 1 करोड़ 90 लाख परिवारों में से लगभग 1 करोड़ 70 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य आ रहा है। उन्होंने इसे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
“2005 से पहले गांवों में पांच घंटे भी बिजली नहीं मिलती थी। आज 24 घंटे बिजली मिल रही है। 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त है और अधिकांश परिवारों का बिजली बिल शून्य आ रहा है।”
— सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री, बिहार
जीविका से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल
सम्राट चौधरी ने कहा कि जीविका योजना के जरिए बिहार की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजे गए हैं और आगे उन्हें दो लाख रुपये तक की सहायता रोजगार और स्वरोजगार के लिए दी जाएगी।
“जीविका से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।”
रोजगार और उद्योग पर सरकार का फोकस
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी की बुनियाद मजबूत करने के बाद अब सरकार का फोकस रोजगार और उद्योग पर है।
उन्होंने बताया कि बिहार में औद्योगिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए सेमीकंडक्टर नीति, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर और आईटी सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवाओं को राज्य में ही रोजगार मिल सके।
कोसी अब अभिशाप नहीं, विकास का साधन
सम्राट चौधरी ने कहा कि कभी बिहार के लिए अभिशाप मानी जाने वाली कोसी नदी अब वरदान बन चुकी है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने बेहतर नदी प्रबंधन कर कोसी को सिंचाई और विकास का साधन बनाया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2007-08 में नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण कोसी क्षेत्र के कई जिले भीषण बाढ़ की चपेट में आए थे, लेकिन अब स्थिति काफी बदली है।
बाढ़ का दायरा घटकर 150 गांवों तक सीमित
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, कोसी नदी के बेहतर प्रबंधन से अब करीब चार लाख एकड़ भूमि की सिंचाई हो रही है। कोसी-मेची लिंक परियोजना, बांधों की ऊंचाई बढ़ाने और नियमित मरम्मत से बाढ़ पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में नेपाल से 6 लाख 48 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद बाढ़ का असर केवल 150 गांवों तक सीमित रहा, जो सुशासन और बेहतर योजना का प्रमाण है।


