लगातार 6 साल चुनाव में नहीं उतरे तो सूची से हटा दिए गए नाम, 359 और दलों पर गाज गिरने की तैयारी
नई दिल्ली/पटना। चुनाव आयोग ने बिहार के 15 सहित देशभर के 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटा दिया है। आयोग ने साफ किया कि ऐसे दल जो पिछले छह वर्षों से किसी भी चुनाव में भाग नहीं ले रहे हैं, उन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत पंजीकृत दलों की सूची से बाहर कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आयोग ने बताया कि 474 दलों को हटाने के साथ ही 359 और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम पारदर्शिता और सक्रिय राजनीतिक व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है।
बिहार के 15 दल हुए बाहर
बिहार से जिन 15 राजनीतिक दलों का नाम हटा दिया गया है, उनमें शामिल हैं —
भारतीय अवाम एक्टिविस्ट पार्टी, भारतीय जागरण पार्टी, भारतीय युवा जनशक्ति पार्टी, एकता विकास महासभा पार्टी, गरीब जनता दल (सेक्यूलर), जय जनता पार्टी, जनता दल हिन्दुस्तानी, लोकतांत्रिक जनता पार्टी (सेक्यूलर), मिथिलांचल विकास मोर्चा, राष्ट्रवादी युवा पार्टी, राष्ट्रीय सद्भावना पार्टी, राष्ट्रीय सदाबहार पार्टी, वसुधैव कुटुंबकम पार्टी, वसुंधरा जन विकास दल और यंग इंडिया पार्टी।
दो चरणों में 808 दलों पर गिरी गाज
चुनाव आयोग ने बताया कि अब तक दो चरणों में कुल 808 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर दल कई वर्षों से सक्रिय राजनीति में नजर नहीं आ रहे थे और चुनावों में भी भागीदारी नहीं कर रहे थे।
आयोग का कहना है कि यह कदम लोकतंत्र की मजबूती और मतदाताओं को साफ-सुथरी राजनीतिक प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए जरूरी है।


