बिहार में स्कूल से गायब रहने वाले 7914 शिक्षकों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई, काटा गया सबका वेतन

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश के बाद 1 जुलाई से लेकर 1 अगस्त तक स्कूलों का निरीक्षण किया गया। 26 दिनों के निरीक्षण के दौरान बिना सूचना के 7 हजार 914 शिक्षक गायब मिले। ऐसे शिक्षकों पर अब कार्रवाई की जा रही है। इन शिक्षकों का वेतन काटा गया है।

बता दें कि रोज 25 हजार स्कूलों का निरीक्षण हो रहा है। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति देखी जा रही है। साथ ही शौचालय, पेयजल और मिड डे मील की जांच की जा रही है। इसके लिए मॉनीटरिंग सेल भी अब बनाया जाएगा। जो हरेक स्कूल का रिकार्ड तैयार करेगी। मॉनीटरिंग सेल के जरिये केके पाठक इसकी समीक्षा करेंगे। बता दें कि 1 जुलाई से स्कूलों का निरीक्षण जारी है।

13 जुलाई को सबसे अधिक 37 हजार 223 स्कूलों का निरीक्षण किया गया था। जिसमें 959 शिक्षकों का वेतन काटा गया था। जो बिना सूचना के स्कूल से गायब थे। वही 1 अगस्त को 24 हजार 784 स्कूलों का निरीक्षण किया गया जिसमें 227 शिक्षक गायब मिले। सभी 227 शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा गया है। बता दें कि कल गुरुवार को भोजपुर और अरवल के स्कूलों केके पाठक खुद निरीक्षक के लिए पहुंचे थे। इस दौरान शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया था।

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों का वेतन बंद करने का उन्होंने आदेश दिया। वही स्कूल में मौजूद शिक्षकों को कई आवश्यक निर्देश उन्होंने दिया। केके पाठक ने सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय सकरी चौक, मध्य विद्यालय रसीदपुर, प्लस टू जीए हाई स्कूल अरवल और प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने अटेन्डेंस रजिस्टर की जांच की। इस दौरान जांच में कई कमियों को देख उन्होंने शिक्षकों की जमकर फटकार लगा दी। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि जो शिक्षक स्कूल नहीं आए हैं उनका वेतन काटा जाएगा और उन पर कार्रवाई की जाएगी।

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