शिक्षकों की अनावश्यक छुट्टियों पर शिक्षा विभाग सख्त, नए निर्देश जारी

छात्रहित और पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। जिले के डीईओ ने सभी प्राथमिक, मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि एक ही दिन कई शिक्षकों को छुट्टी देने की प्रवृत्ति को तत्काल रोका जाए। हाल के निरीक्षणों में बड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।

मुख्य निर्देश

1. प्राथमिक विद्यालय

  • एक दिन में केवल 1 शिक्षक को ही आकस्मिक या विशेष अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।

2. मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय

  • एक दिन में अधिकतम 10% शिक्षक ही अवकाश पर जा पाएंगे।
  • इससे अधिक अवकाश देने के लिए नियंत्री पदाधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।

3. अवकाश स्वीकृति नियम

  • सामान्य परिस्थितियों में बिना पूर्व स्वीकृति अवकाश पर जाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।
  • आकस्मिक स्थिति में मोबाइल/व्हाट्सऐप से सूचना देकर अवकाश लिया जा सकता है, लेकिन औपचारिक आवेदन कम से कम एक दिन पहले अनिवार्य है।
  • क्षतिपूर्ति अवकाश केवल जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) की स्वीकृति से ही मिलेगा।

4. विशेष आकस्मिक अवकाश

  • माह में अधिकतम दो लगातार दिन, और वह भी केवल एक बार ही दिया जाएगा।
  • इसे सार्वजनिक अवकाश/रविवार/सीएल के साथ जोड़कर 12 दिन तक बढ़ाया जा सकता है (स्थानीय निकाय शिक्षकों के लिए 10 दिन)।

5. आकस्मिक अवकाश (CL) सीमा

  • प्रति वर्ष शिक्षक को अधिकतम 16 दिन CL मिलेगी।
  • वर्ष के बीच नियुक्त शिक्षकों को 1.33 दिन प्रति माह की दर से CL मिलेगी।
  • प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक को CL रजिस्टर अनिवार्य रूप से अपडेट रखना होगा।

6. महत्वपूर्ण शर्तें

  • विशेष आकस्मिक अवकाश को सामान्य अवकाश पर प्राथमिकता दी जाएगी।
  • किसी भी लंबी अवधि की छुट्टी (जैसे ग्रीष्मावकाश, दुर्गा पूजा, दिवाली, छठ) के साथ CL नहीं जोड़ी जा सकती

विभाग की चेतावनी

डीईओ ने स्पष्ट कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वाले प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि अनावश्यक अवकाश से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है और विद्यार्थियों का भविष्य जोखिम में पड़ता है।

नई व्यवस्था लागू होने से उम्मीद है कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सुधरेगी और नियमित शिक्षण कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा।


 

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