पटना/नई दिल्ली। फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार समेत देश के छह राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। इस कार्रवाई में एक संगठित जालसाज गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो लंबे समय से बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठग रहा था।
6 राज्यों में 15 ठिकानों पर रेड
ईडी की टीमें बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक गिरोह फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर देशभर में ठगी का नेटवर्क चला रहा था।
रेलवे से खुला राज, 40 विभागों तक फैला घोटाला
शुरुआती जांच में घोटाले का खुलासा भारतीय रेलवे में हुआ था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और सामने आया कि यह नेटवर्क
रेलवे सुरक्षा बल, टिकट चेकर, तकनीशियन,
वन विभाग, भारतीय डाक, आयकर विभाग, हाईकोर्ट, लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण और राजस्थान सचिवालय
सहित 40 से अधिक सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्तियां कर रहा था।
नकली ईमेल और फर्जी नियुक्ति पत्र
जांच में सामने आया है कि आरोपी सरकारी विभागों के आधिकारिक डोमेन से मिलते-जुलते नकली ईमेल आईडी का इस्तेमाल करते थे। इन्हीं ईमेल से उम्मीदवारों को फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे जाते थे, जिससे नौकरी असली लगती थी।
भरोसा जीतने का अनोखा तरीका
गिरोह ने कई मामलों में पीड़ितों को 2 से 3 महीने का शुरुआती वेतन भी दिया, ताकि नौकरी को लेकर भरोसा बन सके। इसके बाद नियुक्ति पक्की करने के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूले गए। कई पीड़ितों ने नौकरी की उम्मीद में अपनी जमा पूंजी तक लगा दी।
कार्रवाई जारी
गुरुवार सुबह से ही मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और अन्य राज्यों में ईडी की कार्रवाई जारी है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


