- बड़ी कार्रवाई: ईडी ने एनएचएआई (NHAI) पटना के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक सदरे आलम की 17.35 लाख की कृषि भूमि की जब्त
- मनी लॉन्ड्रिंग का केस: आय से अधिक संपत्ति मामले में पीएमएलए (PMLA) के तहत हुई कार्रवाई; बैंक खातों में कैश जमा कर इधर-उधर करने का आरोप
- घर में मिला था नोटों का ढेर: सीबीआई रेड में पहले ही बरामद हो चुके हैं 71 लाख कैश और जेवर; अब तक कुल 6.89 करोड़ की काली कमाई का खुलासा
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की मुहिम बिहार में जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पटना जोनल ऑफिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), पटना के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (CGM) और क्षेत्रीय अधिकारी सदरे आलम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उनकी 17 लाख 35 हजार 880 रुपये मूल्य की अचल संपत्ति (कृषि भूमि) को जब्त कर लिया है।
CBI की एफआईआर से शुरू हुई जांच
ईडी ने यह कार्रवाई सीबीआई, पटना द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की है।
- आरोप: सीबीआई ने सदरे आलम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने जुलाई 2021 से सितंबर 2022 के बीच अपने ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की।
- मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि सदरे आलम ने काली कमाई को सफेद करने के लिए भारी मात्रा में नकदी बैंक खातों में जमा की और फिर कई चरणों में उसे ट्रांसफर किया।
घर से मिले थे 71 लाख कैश
जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले सीबीआई की छापेमारी के दौरान सदरे आलम के घर से 71 लाख 1 हजार 250 रुपये नकद और आभूषण मिले थे। जब अधिकारियों ने इस रकम का स्रोत पूछा, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज या जवाब नहीं दे सके। सीबीआई ने उस समय ही इस रकम को जब्त कर लिया था।
6.89 करोड़ का ‘घोटाला’
एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले में अपराध की कुल कमाई (Proceeds of Crime) करीब 6 करोड़ 89 लाख 9 हजार 713 रुपये आंकी गई है। इसी कड़ी में अब ईडी ने पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत 17.35 लाख की जमीन को अटैच किया है।


