
कोलकाता, पूर्व रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने कारखानों के प्रदर्शन से एक बार फिर उत्कृष्टता का परिचय दिया है। लिलुआ, कांचरापाड़ा और जमालपुर कारखानों ने न सिर्फ अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्यों को हासिल किया, बल्कि कई क्षेत्रों में उन्हें पार भी किया है। इससे रेलवे के रखरखाव, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
कोच और इंजनों की ओवरहॉलिंग में रिकॉर्ड प्रदर्शन
लिलुआ कारखाने में आईसीएफ और एलएचबी कोचों की आवधिक ओवरहॉलिंग (POH) का लक्ष्य 1860 था, जबकि वास्तविक उपलब्धि 2020 रही।
कांचरापाड़ा कारखाने में इलेक्ट्रिक इंजनों की ओवरहॉलिंग 77 के लक्ष्य के मुकाबले 81 तक पहुंची। वहीं आईसीएफ कोचों की ओवरहॉलिंग 420 के लक्ष्य के मुकाबले 431 और ईएमयू/मेमु कोचों की ओवरहॉलिंग 1892 के लक्ष्य के मुकाबले 1902 दर्ज की गई।
जमालपुर कारखाने ने भी 140 टन क्षमता वाले 12 क्रेन का निर्माण कर अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।
ब्रेकडाउन समय में आई कमी
इन कारखानों के बेहतर प्रदर्शन से रेलवे के रोलिंग स्टॉक और इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव में सुधार हुआ है, जिससे ट्रेनों के खराब होने की घटनाओं में कमी आई है और परिचालन अधिक सुचारु हुआ है।
एलएचबी कोच से बढ़ी सुरक्षा और सुविधा
पूर्व रेलवे ने 16 ट्रेनों के 22 रेक को आईसीएफ से एलएचबी में परिवर्तित किया है। एलएचबी कोच एंटी-टेलीस्कोपिक डिजाइन के कारण अधिक सुरक्षित होते हैं और यात्रियों को बेहतर आराम, अधिक जगह और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करते हैं।
वंदे भारत ट्रेनों की ओवरहॉलिंग की जिम्मेदारी
रेलवे बोर्ड ने लिलुआ कारखाने को वंदे भारत ट्रेन सेटों की ओवरहॉलिंग के लिए नामित किया है। यह जिम्मेदारी न सिर्फ पूर्व रेलवे बल्कि अन्य जोनल रेलवे—जैसे दक्षिण पूर्व, दक्षिण पूर्व मध्य और उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे—के लिए भी दी गई है।
जमालपुर कारखाने की नई उपलब्धियां
जमालपुर कारखाने ने इस वर्ष पहली बार BTPNM1 वैगनों का निर्माण किया। इसके तहत सितंबर और दिसंबर 2025 में दो पूर्ण मालगाड़ी रेक तैयार किए गए।
इसके अलावा, नवंबर 2025 में एक नए प्रकार के फ्लैट बहुउद्देश्यीय वैगन का निर्माण भी किया गया, जिसका पहला रेक फरवरी 2026 में सफलतापूर्वक रवाना हुआ।
ऊर्जा दक्षता और आधुनिक ट्रेन सेवाएं
पूर्व रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम बढ़ाते हुए 23 थ्री-फेज ईएमयू और 3 मेमु रेक चालू किए हैं।
साथ ही, सियालदह मंडल में 2 एसी ईएमयू रेक शुरू किए गए हैं, जो यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव दे रहे हैं।
अधिकारियों ने दी बधाई
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने कारखानों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन न सिर्फ रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और आधुनिक परिवहन प्रणाली विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाता है।
आधुनिक और कुशल रेलवे की ओर कदम
पूर्व रेलवे की ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि भारतीय रेलवे तेजी से आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बेहतर रखरखाव, नई तकनीक और यात्री सुविधाओं के विस्तार से आने वाले समय में रेलवे सेवा और अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनने की उम्मीद है।


