
कोलकाता, 25 जुलाई 2026: पूर्व रेलवे ने खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। बेहाला स्थित घोलशापुर रेलवे कॉलोनी में शनिवार को नई तीरंदाजी अकादमी की आधारशिला रखी गई। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारों और आसपास के क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों को तीरंदाजी के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, बेहतर अभ्यास सुविधाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। अकादमी के विकसित होने के बाद यहां से नई प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
अकादमी की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के साथ पूर्व रेलवे खेल संघ के अध्यक्ष एवं प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर देवेंद्र कुमार, खेल संघ के सचिव, विभिन्न विभागों के प्रधान, वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी और रेलवे के खेल जगत से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान रेलवे की ओर से खेलों को लेकर अपनाई जा रही नीतियों और भविष्य में खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने की प्रतिबद्धता भी सामने आई।
समारोह की शुरुआत अकादमी की आधारशिला और नाम पट्टिका के अनावरण के साथ हुई। इसके बाद पारंपरिक रूप से नारियल फोड़कर नई परियोजना के शुभारंभ का प्रतीकात्मक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उस समय विशेष उत्साह देखने को मिला, जब महाप्रबंधक ने स्वयं पहला औपचारिक तीर चलाकर अकादमी की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ते कदम का संकेत दिया। इस अवसर को पूर्व रेलवे के खेल विकास कार्यक्रम में एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
उभरती प्रतिभाओं की पहचान पर रहेगा जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि नई तीरंदाजी अकादमी का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को अभ्यास की सुविधा देना नहीं है, बल्कि कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ाना भी है। उनका मानना है कि यदि खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही सही प्रशिक्षण, उचित तकनीक और अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिले तो वे भविष्य में बड़ी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
अकादमी को ऐसे प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के साथ-साथ प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आवश्यक वातावरण मिल सके। यहां तैयार होने वाले प्रतिभाशाली तीरंदाजों को जिला और राज्य स्तर से आगे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
पूर्व रेलवे की यह पहल खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए केवल मैदान या उपकरण पर्याप्त नहीं होते। खिलाड़ियों को लगातार अभ्यास, तकनीकी सुधार, शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती और प्रतियोगिता के दबाव से निपटने की क्षमता भी विकसित करनी होती है। प्रस्तावित अकादमी में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण का वातावरण तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
तीरंदाजी से शारीरिक और मानसिक विकास
कार्यक्रम के दौरान तीरंदाजी के व्यापक लाभों पर भी जोर दिया गया। यह खेल लक्ष्य पर निशाना साधने की कला के साथ-साथ खिलाड़ी की एकाग्रता और मानसिक संतुलन की भी परीक्षा लेता है। किसी लक्ष्य को सटीकता से भेदने के लिए खिलाड़ी को धैर्य बनाए रखना पड़ता है और हर प्रयास के दौरान अपनी तकनीक पर पूरा नियंत्रण रखना होता है।
तीरंदाजी के नियमित अभ्यास से एकाग्रता, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा शरीर का संतुलन बनाए रखना, आंख और हाथ के बीच बेहतर समन्वय विकसित करना तथा शारीरिक नियंत्रण पर ध्यान देना भी इस खेल का अहम हिस्सा है। यही कारण है कि बच्चों और युवाओं के समग्र विकास के लिए तीरंदाजी को उपयोगी खेल गतिविधि माना जाता है।
यह एक गैर-संपर्क खेल होने के कारण खिलाड़ियों के बीच सीधे शारीरिक टकराव की संभावना भी कम होती है। हालांकि, किसी भी खेल की तरह इसमें भी उचित प्रशिक्षण, सुरक्षा नियमों का पालन और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की निगरानी बेहद जरूरी होती है। सही वातावरण में तीरंदाजी न केवल प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक मजबूती को बढ़ावा देने वाली गतिविधि के तौर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी से बढ़ा उत्साह
अकादमी के आधारशिला कार्यक्रम में तीरंदाजी के क्षेत्र से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। अर्जुन पुरस्कार प्राप्त मंगल सिंह चंपिया और द्रोणाचार्य तथा अर्जुन पुरस्कार प्राप्त अली कमर की उपस्थिति ने युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का उत्साह बढ़ाया।
खेल जगत में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। ऐसे अनुभवी लोगों की मौजूदगी से युवा खिलाड़ियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि किसी खेल में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लंबे समय तक मेहनत कितनी जरूरी होती है।
पूर्व रेलवे की ओर से खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में सहयोग के लिए महाप्रबंधक और विभिन्न प्रधान विभागाध्यक्षों को सम्मानित भी किया गया। इस आयोजन के माध्यम से खेल गतिविधियों के प्रति रेलवे प्रशासन और खेल संघ के बीच समन्वय को भी रेखांकित किया गया।
रेलवे परिवार और स्थानीय युवाओं को मिल सकता है लाभ
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि तीरंदाजी अकादमी युवा सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए खेलों के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण से जुड़ी यह अकादमी उभरते खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पहचानने और उसे बेहतर बनाने के लिए एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
अकादमी से केवल रेलवे कर्मचारियों के परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों को ही लाभ मिलने की संभावना नहीं है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवा भी खेल के प्रति अधिक आकर्षित हो सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर तीरंदाजी को लोकप्रिय बनाने और नई प्रतिभाओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
किसी भी खेल अकादमी की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होता है कि वहां प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को लगातार आगे बढ़ने के अवसर मिलें। ऐसे में यदि अकादमी में नियमित प्रशिक्षण शिविर, प्रतियोगिता आधारित अभ्यास और अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख जैसी व्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, तो यहां से निकलने वाले खिलाड़ी भविष्य में विभिन्न स्तरों पर पूर्व रेलवे और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में कदम
पूर्व रेलवे लंबे समय से विभिन्न खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करता रहा है। नई तीरंदाजी अकादमी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है। रेलवे जैसे बड़े संगठन में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने से कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच खेल के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को अपने कौशल को पहचानने का अवसर भी मिल सकता है।
घोलशापुर रेलवे कॉलोनी में अकादमी की स्थापना से इस क्षेत्र में खेलों के लिए एक नया केंद्र विकसित होने की उम्मीद है। आने वाले समय में यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी पहचान बना सकते हैं। इसके साथ ही अकादमी के माध्यम से बच्चों और युवाओं में नियमित शारीरिक गतिविधि, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने का अवसर भी मिलेगा।
पूर्व रेलवे की इस पहल को भविष्य के खिलाड़ियों में निवेश के रूप में देखा जा सकता है। एक मजबूत खेल व्यवस्था तैयार करने के लिए जरूरी है कि प्रतिभाओं की पहचान शुरुआती स्तर पर हो और उन्हें लंबे समय तक सही दिशा में प्रशिक्षित किया जाए। तीरंदाजी अकादमी इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
नई अकादमी के माध्यम से पूर्व रेलवे ने खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय उन्हें युवा विकास और सामाजिक भागीदारी से जोड़ने का संदेश दिया है। यदि इस केंद्र में आधुनिक सुविधाओं, प्रशिक्षित कोच और नियमित प्रतियोगिता आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से विकसित होती है, तो आने वाले वर्षों में यह स्थान तीरंदाजी की नई प्रतिभाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस पहल से रेलवे परिवारों के साथ-साथ आसपास के युवाओं को भी अपने खेल कौशल को निखारने और बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर मिलने की उम्मीद है।


