जिन वाहनों में रहेंगे जीपीएस उपकरण, उन्हें ही जारी होगा ई-चालान

बिहार में बालू के अवैध खनन रोकने के लिए वाहनों की आवाजाही और इसके रूट निर्धारण को लेकर इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली की मदद से चौकसी शुरू की गई है। अब जिन वाहनों में जीपीएस उपकरण लगे होंगे, सिर्फ उन्हें ही ई-चालान जारी होंगे। बिना ई-चालान वाहनों का बालू घाटों से बाहर निकलना और चेक पोस्ट पार करना संभव नहीं होगा।

सभी बालू घाटों या खनन पट्टा वाले इलाकों की गूगल मैप पर को-ऑर्डिनेट (निर्देशांक) निर्धारित किया गया है, ताकि इनके सही स्थान की जानकारी हो सके। खनन वाले सभी घाटों पर सीसीटीवी कैमरे से चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। इसके लिए खनन विभाग के मुख्यालय में 24 घंटे काम करने वाले कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है।

यहां बालू लोड करने के लिए आने वाले जीपीएस से लैस वाहनों के को-ऑर्डिनेट का मिलान किया जाता है। इसके बाद ही इनका ई-चालान जारी होगा। संबंधित वाहन का सही लोकेशन के साथ चालान में यह दर्ज हो जाता है कि किस घाट से कितने बजे बालू लोड किया और इसे कहां तक जाना है।

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