द्रव्य, दबाव और दलाली से जनता को मिलेगी मुक्ति : उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा
जनता बनाम भू-माफिया में सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी
भागलपुर, 05 जनवरी 2026 : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब राज्य भर में आम नागरिकों की भूमि से जुड़ी समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी और भरोसेमंद मंच बनता जा रहा है। इसी क्रम में भागलपुर टाउन हॉल में आयोजित संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह संवाद केवल औपचारिकता या भाषण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की वास्तविक समस्याओं को सुनने, समझने और उनका नियमसम्मत समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की ठोस पहल है। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार एवं भूमि विवाद से जुड़े विषय अत्यंत संवेदनशील और जटिल होते हैं, जिनके समाधान के लिए विधिक प्रावधानों के साथ-साथ जमीनी सच्चाइयों की गहन समझ आवश्यक है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग ने अपने कार्यकाल के प्रथम 100 दिनों में प्रमंडल एवं जिलावार जनसंवाद आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि जनता से सीधे संवाद कर फीडबैक प्राप्त किया जा सके और उसी के आधार पर पारदर्शी, सरल एवं जनहितकारी नीतियों का निर्माण किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि द्रव्य, दबाव और दलाली की व्यवस्था को समाप्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता बनाम भू-माफिया की लड़ाई में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है।
उन्होंने जानकारी दी कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। आम लोगों को इन सेवाओं का लाभ सहज रूप से मिले, इसके लिए 12 दिसंबर से पटना से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई। ऑनलाइन आवेदन में आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों को देखते हुए प्रत्येक अंचल कार्यालय में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खोले गए हैं, जहां कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई द्वारा मामूली शुल्क पर आवेदन एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां समस्या अधिक होती है, वहां भीड़ स्वाभाविक है, लेकिन हंगामा समाधान नहीं है। शांतिपूर्ण संवाद, धैर्य और विश्वास के साथ ही स्थायी समाधान संभव है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फर्जी कागजात के आधार पर व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार प्रदान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इस अधिकार का सही दिशा में उपयोग कर भू-माफिया और दलालों को जेल भेजा जाए।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए पटना के ज्ञान भवन में राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
अपने विभागीय कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है। नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने बताया कि परिमार्जन प्लस के अंतर्गत मामलों के निष्पादन के लिए 15, 35 एवं 75 कार्य दिवस की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। पारिवारिक बंटवारा पोर्टल के माध्यम से अब बंटवारा एवं दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। पुराने दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस एवं मापी से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब प्रत्येक शनिवार को थाना की बजाय अंचल कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से थाना जाने की परेशानी न हो। राजस्व कर्मचारी अब अपने-अपने पंचायतों में बैठकर कार्य करेंगे। मापी के बाद प्रतिवेदन का ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकारी भूमि पर गलत जमाबंदी पाए जाने पर तत्काल स्थगन का आदेश देते हुए सभी जिलों में लैंड बैंक के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक अंचल में फर्जी कागजात के आधार पर व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। सभी अंचल कार्यालयों में सूचना पट एवं शिकायत पेटी अनिवार्य की गई है तथा शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बेहतर कार्य करने वाले राज्य के शीर्ष तीन अंचल अधिकारियों को विभागीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनैतिक आचरण पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इससे पूर्व अध्यक्षीय भाषण में विभाग के प्रधान सचिव श्री सी. के. अनिल ने उपस्थित जनसमूह को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माननीय उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह नई पहल ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंचल अधिकारियों को व्यापक अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिनका उपयोग भू-माफियाओं के खिलाफ सख्ती से किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य मार्च 2026 तक अधिकांश लंबित मामलों का समाधान करना है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी अतिथियों का पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। संवाद कार्यक्रम का संचालन सचिव श्री गोपाल मीणा ने किया। इस अवसर पर विशेष सचिव श्री अरुण कुमार सिंह, अपर सचिव श्री अजीव वत्सराज, वरीय आरक्षी अधीक्षक भागलपुर श्री हृदय कांत, नवगछिया की पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रेरणा कुमार, आयुक्त के सचिव श्री विनोद कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री नागेंद्र कुमार गुप्ता, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक श्री सुधांशु शेखर, श्री सुमित कुमार आनंद सहित राजस्व मुख्यालय एवं जिला प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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