मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड से गरमाई बिहार की सियासत, एनडीए-महागठबंधन आमने-सामने

पटना।मोकामा में बाहुबली नेता दुलारचंद यादव की हत्या के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। महागठबंधन ने इसे सरकार की विफलता बताया है, जबकि एनडीए ने इसे “जंगलराज की वापसी” करार दिया है। विधानसभा चुनाव के बीच घटी इस घटना ने इलाके का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ा दिया है।


तीन एफआईआर दर्ज, दोनों पक्षों के समर्थक आरोपित

भदौर थाना क्षेत्र में हुई घटना के बाद पहली प्राथमिकी मृतक के पौत्र नीरज कुमार के बयान पर दर्ज की गई है, जिसमें पूर्व विधायक और जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह, कर्मवीर सिंह, राजवीर सिंह, कंजय सिंह और छोटन सिंह को नामजद किया गया है।
दूसरी प्राथमिकी जसुपा उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष समेत सौ से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है, जिन पर पथराव और गोली चलाने का आरोप है। तीसरी प्राथमिकी भदौर थानाध्यक्ष रविरंजन चौहान ने दर्ज की है, जिसमें दोनों दलों के अज्ञात समर्थकों को सार्वजनिक हिंसा और दहशत फैलाने का दोषी ठहराया गया है।


तनाव के बीच भारी सुरक्षा तैनात

हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए अर्धसैनिक बलों और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया था। ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार सुबह शव उठाया गया।
राजद प्रत्याशी वीणा देवी और जसुपा उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष शव यात्रा में शामिल हुए। रास्ते में समर्थकों ने नारेबाजी की और अनंत सिंह के पोस्टर-बैनर फाड़ दिए।


हत्या से सुलगा चुनावी समर

दुलारचंद यादव की हत्या ने बिहार की चुनावी बहस को “जंगलराज बनाम सुशासन” के पुराने नैरेटिव की ओर मोड़ दिया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की लड़ाई होती है, हिंसा की नहीं। एनडीए पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता समर्थित अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने इसे “राक्षसराज” बताया, जबकि कांग्रेस ने लिखा— “मोकामा में हत्या, शव यात्रा में गोलीबारी — यही है बिहार की कानून व्यवस्था की सच्चाई।”


एनडीए का पलटवार

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि आरजेडी के लोग नहीं बदले हैं। इनके डीएनए में जंगलराज, गुंडागर्दी और अपहरण उद्योग है।
जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने भी हिंसा को लेकर राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान हिंसा होना दर्शाता है कि शासन तंत्र कमजोर है।


सूरजभान सिंह ने की निष्पक्ष जांच की मांग

पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने घटना को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए चुनाव आयोग से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे देश की नजर बिहार विधानसभा चुनाव पर है, ऐसे में आयोग को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।


प्रशांत किशोर के रोड शो में विरोध

मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में प्रशांत किशोर के रोड शो के दौरान कुछ युवाओं ने दुलारचंद यादव की हत्या को लेकर काफिला रोककर विरोध प्रदर्शन किया।
युवाओं का कहना था कि जनसुराज समर्थक की हत्या के बाद भी पीके अब तक स्वजन से मिलने नहीं पहुंचे। हालांकि समर्थकों ने विरोध कर रहे युवाओं को हटाकर रोड शो जारी रखा।


राजद प्रत्याशी की गाड़ी पर पथराव

शव यात्रा के दौरान पंडारक क्षेत्र में भीड़ ने राजद उम्मीदवार वीणा देवी की गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिससे वाहन के शीशे टूट गए।
बवाल के कारण शव को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल तक पहुंचाने में करीब छह घंटे की देरी हुई।


मोकामा का यह हत्याकांड अब एक आपराधिक घटना से आगे बढ़कर बिहार की सियासत में बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है।


 

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