
पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के कन्हैया नगर में 26 वर्षीय बीटेक छात्र धीरज कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। धीरज दिल्ली में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था और परिवार की उम्मीदों का केंद्र माना जाता था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
दिल्ली से घर लौटा था छात्र
परिजनों के अनुसार धीरज दिल्ली में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। हाल ही में वह अपने घर पटना लौटा था। मंगलवार को घर में अकेले रहने के दौरान उसकी मौत हो गई। जब दोपहर में मां खाना देने पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया, जहां धीरज मृत अवस्था में मिला।
मजदूर पिता ने कर्ज लेकर कराई थी पढ़ाई
मृतक के पिता विजय कुमार शर्मा मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए उन्होंने कर्ज तक लिया था। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी कर धीरज नौकरी करेगा और घर की आर्थिक स्थिति बदलेगा, लेकिन इस घटना ने सभी सपनों को तोड़ दिया।
डेढ़ साल से तनाव में था छात्र
परिजनों ने बताया कि धीरज पिछले करीब डेढ़ साल से मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी वजह से उसने पढ़ाई भी बीच में छोड़ दी थी। परिवार लगातार उसका इलाज करा रहा था और उसे सामान्य जीवन में वापस लाने की कोशिश कर रहा था।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। कमरे की बारीकी से जांच की गई, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
क्या बोली पुलिस?
फुलवारी शरीफ थानाध्यक्ष गुलाम शहबाज आलम ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल
धीरज की मौत के बाद परिवार सदमे में है। माता-पिता और परिजनों की आंखों में सिर्फ एक सवाल है—आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक होनहार छात्र, जो परिवार की उम्मीदों का सहारा था, इतनी बड़ी त्रासदी का शिकार हो गया?
(यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति, परिवारजन या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। मदद उपलब्ध है।)


