डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी—’मंगलवार रात तक खोलो हॉर्मुज जलडमरूमध्य, वरना झेलनी होगी तबाही’; व्हाइट हाउस से हुंकार, तेल की कीमतों और युद्ध के भविष्य पर बड़ा बयान

  • ​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईरान को चेतावनी दी है।
  • ​ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8:00 बजे (पूर्वी समय) तक ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को समुद्री यातायात के लिए फिर से खोलने का समय दिया है।
  • ​अल्टीमेटम का पालन न होने पर ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों (Power Plants) और पुलों (Bridges) पर भीषण हमले करने की धमकी दी है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर “पावर प्लांट डे और ब्रिज डे” करार दिया।
  • ​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति ने 45 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव को “एक महत्वपूर्ण कदम” बताया, लेकिन साथ ही ईरान की गंभीरता पर संदेह भी जताया।
  • ​ट्रंप ने दुनिया भर में बढ़ती तेल की कीमतों के लिए ईरान की नाकेबंदी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका अब और इंतजार नहीं करेगा।

वॉशिंगटन डीसी/पटना (द वॉयस ऑफ बिहार)।

बदले की आग और बारूद की गूँज: ट्रंप का ‘मंगलवार’ वाला मिशन

वाशिंगटन के गलियारों से लेकर तेहरान के सत्ता केंद्रों तक इस समय केवल एक ही नाम और एक ही चेतावनी गूँज रही है—डोनाल्ड ट्रंप। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस के प्रेस रूम में जब राष्ट्रपति ट्रंप मीडिया के सामने आए, तो उनके तेवर अब तक के सबसे आक्रामक रूप में थे। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के छठे हफ्ते में प्रवेश करते ही ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब कूटनीति के धैर्य की सीमा लांघ चुका है। राष्ट्रपति ने ईरान को एक ऐसा अल्टीमेटम दिया है जो अगर सच हुआ, तो मध्य पूर्व का नक्शा और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति हमेशा के लिए बदल सकती है। ट्रंप ने सीधी भाषा में कहा कि ईरान के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए केवल मंगलवार रात तक का समय है।

‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’: तबाही की नई तारीख?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एक विवादित और बेहद सख्त पोस्ट साझा किया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा, “मंगलवार ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा… या तो उस जलडमरूमध्य को खोलो, या फिर नरक में रहने के लिए तैयार रहो”। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे इस भाषा और मंशा पर सवाल पूछा, तो ट्रंप ने पीछे हटने के बजाय उसे और मजबूती से दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान ने दुनिया की 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति को रोककर अमेरिका और उसके सहयोगियों को आर्थिक रूप से पंगु बनाने की कोशिश की है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर मंगलवार रात 8:00 बजे तक ईरान अपनी जिद नहीं छोड़ता, तो अमेरिकी वायुसेना ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर देगी।

हॉर्मुज का संकट और $4 प्रति गैलन का बोझ

ट्रंप के इस गुस्से के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिका और दुनिया भर में बढ़ती गैस और तेल की कीमतें हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के तेल व्यापार की जीवनरेखा है, ईरान द्वारा बंद किए जाने के कारण अमेरिका में गैस की कीमतें पिछले हफ्ते 4 डॉलर प्रति गैलन तक पहुँच गईं। ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्य देशों की भी आलोचना की और कहा कि यह केवल अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है कि वह दुनिया के लिए तेल का रास्ता साफ करे। उन्होंने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का हिस्सा बताते हुए कहा कि अमेरिका का उद्देश्य बहुत सरल और स्पष्ट है—वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को बहाल करना और ईरान के परमाणु खतरों को हमेशा के लिए समाप्त करना।

Ceasefire की चर्चा और ईरान का अडिग रवैया

ट्रंप की इस धमकी के बीच ही रविवार को एक 45 दिवसीय युद्धविराम का प्रस्ताव भी मेज पर रखा गया था। ट्रंप ने सोमवार को इस प्रस्ताव को “एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम” बताया, लेकिन उनके लहजे से स्पष्ट था कि उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अपना जवाब भेजा है, लेकिन वे हॉर्मुज को केवल एक अस्थायी युद्धविराम के बदले खोलने को तैयार नहीं हैं। ईरान की मांग है कि उन्हें युद्ध के हर्जाने के रूप में तेल पारगमन राजस्व का एक हिस्सा दिया जाए, जिसे ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया है।

F-15E पायलटों का रेस्क्यू और सैन्य मनोबल

प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक हिस्सा अमेरिकी सैन्य अभियानों की सफलता को समर्पित रहा। ट्रंप ने गर्व के साथ बताया कि ईरान द्वारा गिराए गए एक F-15E फाइटर जेट के दूसरे चालक दल को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। उन्होंने इसे अमेरिकी सेना की जांबाजी का प्रमाण बताया और कहा कि ईरान की वायुसेना और नौसेना पहले ही काफी हद तक तबाह हो चुकी है। ट्रंप का मानना है कि ईरान को “केवल एक रात” में पूरी तरह से बाहर किया जा सकता है, और वह रात कल (मंगलवार) की भी हो सकती है। इस बयान ने युद्ध के विस्तार की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।

घरेलू राजनीति और चुनावी दबाव

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) नजदीक हैं। सर्वेक्षणों से पता चलता है कि कई अमेरिकी इस युद्ध के लंबे खिंचने और बढ़ती महंगाई के कारण चिंतित हैं। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी युद्ध के उद्देश्यों को लेकर मतभेद उभरने लगे हैं। ऐसे में ट्रंप अपनी “स्ट्रॉन्ग मैन” वाली छवि को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि चुनाव से पहले अपनी गिरती लोकप्रियता को संभाल सकें। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में देशभक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के ‘परमाणु ब्लैकमेल’ और ‘दुष्टता’ के अंत के करीब है।

क्या टलेगा महायुद्ध?

डोनाल्ड ट्रंप का यह संबोधन केवल ईरान के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ‘चेतावनी की घंटी’ है। यदि मंगलवार रात तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुलता है, तो वैश्विक तेल बाजार में एक बड़ा भूचाल आना तय है। जहाँ ट्रंप युद्ध को “कुछ ही समय” में खत्म करने का दावा कर रहे हैं, वहीं धरातल पर स्थितियां और अधिक जटिल होती जा रही हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी जवाबी हमले की धमकी दी है, जिससे तनाव चरम पर है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की टीम इस वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है।

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