अष्टमी, नवमी और दशहरे को लेकर ना हों कन्फ्यूज, यहां जानिए कब रखें व्रत

आदिशक्ति का महापर्व नवरात्रि का पर्व इस वक्त पूरे देश में पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जा रहा है लेकिन आज अष्टमी और नवमी की तिथि को लेकर भक्तों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई हैं, भक्तगण कन्फ्यूज हैं कि व्रत आखिर किस दिन रखें, जो लोग नौ दिन का व्रत रखते हैं, उन्हें तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन समस्या उनके सामने हैं, जो कि नवरात्रि का पहला और आखिरी व्रत रखते हैं, तो ऐसे लोगों की दुविधा हम दूर कर देते हैं।

दरअसल 17 अक्टूबर से शुरू हुए नवरात्र का आज सातवां दिन हैं, उस हिसाब से आज सप्तमी ही है लेकिन आज सुबह 06 बजकर 57 मिनट पर अष्टमी लग गई है जो कि कल सुबह 6 बजकर 57 मिनट रहेगी तो वहीं 24 अक्टूबर को सुबह 6:58 पर ही महानवमी लग जाएगी, इसलिए जो अष्टमी की व्रत करते हैं वो आज ही उपवास रख सकते हैं और जो महानवमी का व्रत रखते हैं उन्हें कल उपवास करना चाहिए।

महादशमी 25 अक्टूबर को है

नौ दिन का व्रत करने वाले भक्तगण कल रात में हवन के बाद पारण कर सकते हैं या जो लोग दशमी में पारण करते हैं उन्हें रविवार का इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि महादशमी 25 अक्टूबर को है, इसी दिन मां का विसर्जन भी किया जाएगा। इसी दिन दशहरा भी मनाया जाएगा, हालांकि कुछ राज्यों में दशहरे का पर्व सोमवार यानी कि 26 अक्टूबर को मनाया जा रहा है और इसीदिन दशहरे की छुट्टी की गई है।

गौरी और सिद्धिदात्री शक्ति के पर्याय

अष्टमी का दिन मां गौरी का दिन है, जिनके बारे में कहा जाता है कि अष्टमी के दिन अगर दिल से मां को पुकारा जाता है तो तुरंत अपने भक्त की पीड़ा दूर करती हैं तो वहीं महानवमी का दिन मां सिद्धिदात्री का होता है, मां दुर्गा के इस रूप को शतावरी और नारायणी भी कहा जाता है, वो शक्ति का पर्याय हैं, मां के इन दोनों रूप की पूजा करने वाले को कभी भी कोई कष्ट नहीं होता है, वो हमेशा खुश, सुखी और संपन्न रहता है, मां दुर्गा अपने भक्त के हर कष्ट को दूर करती हैं और उन्हें निरोग रखती हैं, वो भय से दूर जीवन के हर सुख को प्राप्त करता है।

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