नई दिल्ली। सनातन धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। यह पर्व पांच दिनों तक मनाया जाता है — जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज पर। इन पांच दिनों में धनतेरस, छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी), दिवाली, गोवर्धन पूजा, और भाई दूज प्रमुख रूप से मनाए जाते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को मनाया जा रहा है।
दिवाली का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीप जलाकर पूरी अयोध्या नगरी को प्रकाश से आलोकित कर दिया था। तभी से इस दिन दीपावली मनाने की परंपरा चली आ रही है।
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान है। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में धन, वैभव, सुख और समृद्धि का स्थायी वास होता है।
दिवाली 2025: लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 20 अक्टूबर 2025 को लक्ष्मी-गणेश की पूजा का शुभ समय शाम 5:46 बजे से रात 8:18 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह समय हर शहर में सूर्यास्त के अनुसार थोड़ा भिन्न होता है।
प्रमुख शहरों में दिवाली पूजन का समय
| शहर | शुभ मुहूर्त |
|---|---|
| दिल्ली | शाम 07:08 से रात 08:18 |
| नोएडा | शाम 07:07 से रात 08:18 |
| गुरुग्राम | शाम 07:09 से रात 08:19 |
| लखनऊ | शाम 06:56 से रात 08:04 |
| भोपाल | शाम 07:16 से रात 08:20 |
| इंदौर | शाम 07:23 से रात 08:27 |
| जयपुर | शाम 07:16 से रात 08:25 |
| वाराणसी | शाम 07:08 से रात 08:18 |
| पटना | शाम 06:59 से रात 08:32 |
| मुंबई | शाम 07:41 से रात 08:41 |
| अहमदाबाद | शाम 07:36 से रात 08:40 |
| चेन्नई | शाम 07:20 से रात 08:14 |
| बेंगलुरु | शाम 07:31 से रात 08:25 |
| हैदराबाद | शाम 07:21 से रात 08:19 |
| अमृतसर | शाम 07:12 से रात 08:26 |
| चंडीगढ़ | शाम 07:06 से रात 08:19 |
(अन्य शहरों का समय भी स्थानीय पंचांग या सूर्यास्त के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।)
शहरवार मुहूर्त में अंतर क्यों होता है?
ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ मुहूर्त का निर्धारण सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर किया जाता है।
चूंकि यह समय हर शहर में अलग-अलग होता है, इसलिए दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त भी प्रत्येक स्थान के अनुसार बदलता है।


