भागलपुर, 21 जनवरी 2026:अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव के कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में कहलगांव एवं पीरपैंती अंचल में विभिन्न परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी कहलगांव व पीरपैंती तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी पीरपैंती उपस्थित रहे।
गोड्डा–पीरपैंती रेल लाइन पर रोजाना कैंप के निर्देश
जिलाधिकारी ने गोड्डा–पीरपैंती रेल लाइन के भू-अर्जन को लेकर अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित रैयतों से प्रतिदिन आवेदन लिए जाएं और कैंप लगाकर वंशावली तैयार कर एलपीसी निर्गत की जाए। उन्होंने बताया कि यह परियोजना 500 करोड़ रुपये से अधिक की है और ऐसे सभी प्रोजेक्ट्स की निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय स्तर से की जाती है।
भागलपुर जिले में 8 किलोमीटर रेल लाइन
बताया गया कि इस परियोजना का लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा भागलपुर जिले में आता है। इसके साथ ही कहलगांव व पीरपैंती में चल रही थर्मल पावर परियोजना, विक्रमशिला विश्वविद्यालय सहित अन्य विकास योजनाओं के भू-अर्जन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव सभी परियोजनाओं के भू-अर्जन की प्रगति की नियमित निगरानी और समीक्षा करेंगे ताकि कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
विक्रमशिला–कटोरिया रेल लाइन के सर्वे स्थल का निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी ने विक्रमशिला–कटोरिया रेलवे लाइन के सर्वे स्थल का निरीक्षण किया, जहां भूमि सर्वे का कार्य चल रहा है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत की, अमीन की रिपोर्ट देखी और रेलवे अधिकारियों से भी जानकारी ली।
भूमि विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहलगांव के अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि इस परियोजना से जुड़े रैयतों के नाम, जमाबंदी संख्या, खाता, खेसरा और भूमि की किस्म का विवरण शीघ्र जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही रंगरा चक और गोपालपुर के अंचलाधिकारियों को भी इसी प्रकार की कार्रवाई के लिए निर्देशित करने को कहा गया।


