
आयकर विभाग के बिहार-झारखंड के पटना स्थित मुख्य कार्यालय के नाम पर फर्जी बहाली का खुलासा हुआ है। इस मामले को लेकर आयकर महकमा ने कोतवाली थाने में एक एफआईआर भी दर्ज कराई है और पूरे मामले की गहन तफ्तीश कराने की बात कही है।
आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड) जयंत मिश्रा ने विज्ञप्ति जारी कर पूरी स्थित को स्पष्ट की है। इसमें बताया गया है कि बहाली जैसी कोई बात नहीं है। यह पूरी तरह से फर्जी मामला है। नवंबर 2023 में आयकर विभाग के इस कार्यालय के स्तर से स्पोर्ट्स कोटे के तहत टैक्स सहायक और मल्टी टास्किंग स्टाफ की बहाली के लिए एक विज्ञापन निकाला गया था। बहाली की पूरी प्रक्रिया नई दिल्ली स्थित कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के माध्यम से संपन्न हो चुकी है। मगर फर्जीवाड़ा करने वाले ने इसी विज्ञापन की सिर्फ तारीख बदलकर इसे फिर से जारी कर दिया है। इसके नाम पर कुछ लोगों से ठगी की योजना थी। हालांकि किसी के ठगी के शिकार होने की बात अब तक विभाग के समक्ष नहीं आई है। इस मामले में फिलहाल किसी के गिरफ्तारी की भी सूचना नहीं है। मामले की तफ्तीश आयकर विभाग अपने स्तर पर भी कर रही है, ताकि सही आरोपितों का खुलासा हो सके।
इस तरह हुआ खुलासा
आयकर विभाग के बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय में कुछ पदों पर बहाली से संबंधित फर्जी विज्ञापन निकाला गया। इसका वितरण चोरी-छिपे कार्यालय के आसपास किया गया। इसके बाद इसमें आवेदन करने वाले कुछ लोगों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया और तथाकथित संबंधित अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए इसी कार्यालय में बुलाया जाने लगा। इसी क्रम में पहली बार बुलाए गए कुछ लोगों से विभाग के पदाधिकारियों की मुलाकात हुई और पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस व्हाट्सएप ग्रुप को बनाने वाले और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान मोबाइल नंबर के आधार पर की जा रही है।


