- भक्ति में फूहड़ता: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रेलवे परिसर स्थित जीआरपी शिव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम विवादों में; धार्मिक आयोजन की आड़ में बार-बालाओं का डांस।
- नियमों को ठेंगा: देर रात डीजे और अश्लील गीतों पर प्रतिबंध के बावजूद पुलिस विभाग के नाक के नीचे बजाए गए दोअर्थी भोजपुरी गाने।
- खाकी पर सवाल: जीआरपी के जवान सिविल ड्रेस में मंच के पास थिरकते आए नजर; नर्तकियों पर पैसे लुटाने का भी लगा गंभीर आरोप।
द वॉयस ऑफ बिहार (ब्यूरो/रेलवे)
आस्था के महापर्व महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर जहां पूरा देश भक्ति में लीन था, वहीं रेलवे परिसर के जीआरपी शिव मंदिर (GRP Shiv Mandir) में भक्ति के नाम पर फूहड़ता का नंगा नाच देखने को मिला। पश्चिमी छोर पर स्थित इस मंदिर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम अब प्रशासन के गले की हड्डी बन गया है। धार्मिक आयोजन के दौरान पुलिस विभाग द्वारा जारी निर्देशों की ही पुलिसवालों के सामने खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं।
प्रतिबंध के बावजूद अश्लील गानों का शोर
प्रशासन ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि देर रात डीजे बजाने और दोअर्थी या अश्लील गीतों (Obscene Songs) पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
- उल्लंघन: इसके बावजूद, जीआरपी मंदिर के कार्यक्रम में नियमों को ताक पर रखकर तेज आवाज में भोजपुरी गाने बजाए गए।
- मंच पर बार-बालाएं: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धार्मिक आयोजन की आड़ में मंच पर बार-बालाओं का नृत्य (Bar Girls Dance) कराया गया, जो देर रात तक चलता रहा।
रक्षक ही बने तमाशबीन?
मामले को सबसे ज्यादा गंभीर वो आरोप बनाते हैं, जो सीधे जीआरपी (GRP) के जवानों पर लगे हैं।
- नोटों की बारिश: आरोप है कि जीआरपी के कुछ जवान सिविल ड्रेस (Civil Dress) में मंच के पास नाचते नजर आए। इतना ही नहीं, कुछ जवानों पर नर्तकियों पर पैसे लुटाने के भी आरोप लगे हैं। जिस पुलिस पर नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी थी, वही वहां नियमों का मखौल उड़ाती दिखी।
धार्मिक स्थल पर ऐसा कृत्य और पुलिस की भूमिका गंभीर जांच का विषय है।


