पटना। राज्य में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS) के तहत तैनात डायल 112 के चालकों को बड़ी राहत दी गई है। उनकी सेवा अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी गई है। साथ ही मानदेय 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा हर चालक को 4 हजार रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता भी मिलेगा।
सरकार के अनुसार, इस एक साल के सेवा विस्तार पर कुल 161 करोड़ 11 लाख 84 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।
4426 पद स्वीकृत, भर्ती प्रक्रिया जारी
उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बताया कि ERSS परियोजना के लिए चालकों के कुल 4426 पद स्वीकृत हैं। इनमें 3418 चालक सिपाही और 1009 चालक हवलदार के पद शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है, लेकिन इसमें समय लगने की संभावना है।
सेवानिवृत्त चालकों को मिला सेवा विस्तार
सम्राट चौधरी ने बताया कि 112 सेवा को सुचारू रखने के लिए आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गेनाइजेशन (AWPO), दानापुर के माध्यम से लिए गए सेना से सेवानिवृत्त चालकों की सेवा अवधि बढ़ाई गई है। पहले इनकी सेवा मार्च 2026 तक थी, जिसे अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक साल और बढ़ा दिया गया है।
पुलिस व्यवस्था मजबूत करने का दावा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार राज्य में पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। हाल ही में पूर्वी चंपारण में एसपी कार्यालय, रोहतास के डिहरी पुलिस केंद्र में रक्षित कार्यालय व शस्त्रागार भवन, और लखीसराय पुलिस केंद्र में महिला पुलिसकर्मियों के लिए 200 बेड का आधुनिक बैरक बनाने की मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि डायल 112 सेवा का रिस्पांस टाइम कम करने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


