देवउठनी एकादशी आज: भगवान विष्णु चातुर्मास से जागे, शुभ कार्यों की हुई शुरुआत

भागलपुर | 1 नवंबर 2025-कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि आज पूरे देश में देवउठनी एकादशी के रूप में मनाई जा रही है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के योग निद्रा से जागते हैं और इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगहों पर तुलसी विवाह की तैयारियां भी जोरों पर हैं। श्रद्धालुओं ने सुबह स्नान-पूजन कर भगवान विष्णु की आराधना की और व्रत रखकर दिनभर भक्ति में लीन रहे।

पंडितों के अनुसार, आज एकादशी तिथि 1 नवंबर की सुबह 5 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर रात 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। भगवान विष्णु और माता तुलसी का पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।

देवउठनी एकादशी को लेकर धार्मिक नगरी भागलपुर, गया, दरभंगा, सीवान, मुजफ्फरपुर और पटना के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। लोग घरों में भी तुलसी चौरा सजाकर दीप प्रज्ज्वलित कर रहे हैं।

धर्माचार्य बताते हैं कि चातुर्मास के दौरान जब भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं, तब कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते। लेकिन आज से शुभ कार्यों की शुरुआत का मार्ग खुल गया है।


आज का पंचांग (1 नवंबर 2025)

  • तिथि: देवउठनी एकादशी (शुक्ल पक्ष)
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपदा
  • योग: सौभाग्य
  • सूर्योदय: सुबह 6:06 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 5:12 बजे
  • राहुकाल: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
  • शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:20 से 1:45 तक

 

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