12 दिसम्बर 2025 का विस्तृत पंचांग: पौष कृष्ण अष्टमी से नवमी तक, जानें आज का शुभ समय, ग्रह स्थिति और पर्व

शुक्रवार, 12 दिसम्बर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज पौष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 2:57 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। विभिन्न पंचांगों के अनुसार आज का दिन कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योगों और ग्रह स्थितियों से युक्त है।

विक्रम संवत् 2082, राष्ट्रीय शक संवत् 1947, और हिजरी साल 1447 के अनुसार भी आज के दिन का अपना विशिष्ट महत्व है।

आज का सूर्योदय, सूर्यास्त और महत्वपूर्ण समय

  • सूर्योदय: प्रातः 7:21 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 5:22 बजे (जालंधर समय)
  • राहुकाल: प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
  • दिशा शूल: पश्चिम एवं नैऋत्य दिशा
  • चंद्र राशि परिवर्तन: प्रातः 10:21 बजे तक चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा, इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेगा।

तिथि व नक्षत्र

  • तिथि:
    • पौष कृष्ण अष्टमी – दोपहर 2:57 बजे तक
    • तदोपरांत नवमी तिथि
  • नक्षत्र:
    • उत्तराफाल्गुनी – 12 दिसम्बर दिन-रात तथा 13 दिसम्बर प्रातः 5:50 बजे तक
    • इसके बाद हस्त नक्षत्र का आरंभ
  • योग:
    • प्रीति योग – पूर्वाह्न 11:12 बजे तक
    • तदोपरांत आयुष्मान योग

आज का पर्व व उत्सव

आज रुक्मणि अष्टमी का व्रत तथा पर्व मनाया जा रहा है। भक्तगण भगवान कृष्ण की प्रेयसी रुक्मिणी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह व्रत दांपत्य सुख और सौभाग्य की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है।

ग्रहों की आज की स्थिति

पंचांग के अनुसार 12 दिसंबर 2025 को ग्रहों की चाल इस प्रकार रहेगी:

  • सूर्य: वृश्चिक राशि में
  • चंद्रमा: सुबह 10:21 बजे तक सिंह, फिर कन्या राशि में प्रवेश
  • मंगल: धनु राशि में
  • बुध: वृश्चिक राशि में
  • गुरु: मिथुन राशि में
  • शुक्र: वृश्चिक राशि में
  • शनि: मीन राशि में
  • राहु: कुंभ राशि में
  • केतु: सिंह राशि में

ग्रहों की यह स्थिति कई राशियों पर शुभ व सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, विशेषकर सिंह, कन्या, धनु और वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन लाभकारी रहने की संभावना है।

दिन का ज्योतिषीय सार

आज का दिन आध्यात्मिकता, साधना और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। आयुष्मान योग के प्रभाव से दिन में ऊर्जा और सकारात्मकता बढ़ने की संभावना है। चंद्रमा के कन्या राशि में प्रवेश के बाद मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता और कर्म पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

  • Related Posts