प्रोत्साहन के बावजूद रिश्वतखोरी जारी, सरकार चिंतित, कमिश्नरों से बने रोल मॉडल की अपेक्षा

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निबटारे और राजस्व प्रशासन को पटरी पर लाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग लगातार अभियान चला रहा है। कमिश्नरी स्तर पर आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के जरिए आम लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए जा रहे हैं।

डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा अधिकारियों की टीम के साथ स्वयं इन कार्यक्रमों की निगरानी कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब सरकार ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों की भूमिका और दायित्व को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है।


प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने जारी किया दिशा-निर्देश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी प्रमंडलों के आयुक्तों को पत्र भेजकर राजस्व प्रशासन में उनकी केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया है।

पत्र में कहा गया है कि सरकार द्वारा सात निश्चय–3 को पूरे राज्य में लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों की Ease of Living में गुणात्मक सुधार करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में प्रमंडलीय आयुक्तों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।


नौ प्रमुख कार्यों पर विशेष फोकस

प्रधान सचिव ने आयुक्तों को निम्नलिखित 9 बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है—

  1. भूमि सुधार, राजस्व संग्रह, भूमि अभिलेखों का संधारण
  2. नामांतरण एवं जमाबंदी का समय-सीमा में निष्पादन
  3. भूमि विवादों का न्यायसंगत एवं प्रभावी निपटारा
  4. अंचलवार लैंड बैंक (Land Bank) का सृजन
  5. सरकारी भूमि की पहचान एवं संरक्षण
  6. ऑनलाइन भू-अभिलेखों में सुधार की प्रगति
  7. PM KISAN–AGRISTACK योजना और आधार सीडिंग
  8. राजस्व संग्रह एवं बकाया वसूली
  9. राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का युद्धस्तर पर निष्पादन एवं अधीनस्थ न्यायालयों की नियमित समीक्षा

आयुक्तों को प्रमंडल स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से करने का निर्देश भी दिया गया है।


जन कल्याण संवाद में उमड़ी भीड़, सिस्टम सुधार की जरूरत

प्रधान सचिव ने कहा कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद–2026 के दौरान प्रमंडलीय मुख्यालयों में लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्रीय स्तर पर पारदर्शी कार्यप्रणाली, सतत अनुश्रवण और गहन समीक्षा की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर, ऑनलाइन, भौतिक आवेदन और जन कल्याण संवाद से प्राप्त सभी शिकायतें बिहार भूमि पोर्टल के जन शिकायत पोर्टल पर दर्ज की जा रही हैं। इस पोर्टल का लॉगिन प्रमंडलीय आयुक्तों के पास भी उपलब्ध है, जिससे उच्च स्तर पर गुणवत्ता सुधार संभव है।


IT और AI के उपयोग से प्रशासन सुधार की अपेक्षा

सरकार ने आयुक्तों से अपेक्षा जताई है कि वे अपने प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ आईटी सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सकारात्मक उपयोग कर राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगे।


रिश्वतखोरी पर सरकार की चिंता

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जन कल्याण संवाद के बावजूद पटना, शिवहर और वैशाली में राजस्व हल्का कर्मचारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटनाएं सरकार के लिए चिंता का विषय हैं।

प्रधान सचिव ने कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए प्रमंडलीय आयुक्तों से अपेक्षा की गई है कि वे अधीनस्थ कर्मियों के लिए ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता के रोल मॉडल बनें और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता सुनिश्चित करें।


 

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