बहनें होकर भी अभिनेत्री काजोल और रानी मुखर्जी में नहीं होती थी बात; जानें कैसे आए करीब

‘कॉफी विद करण’ का 8वां सीजन रिलीज के बाद से ही चर्चा में बना हुआ है। हर एपिसोड के रिलीज होने के बाद एक नई गॉसिप खबरों में छा जाती है। शो का 6वां एपिसोड आज रिलीज हो गया है। इस एपिसोड में रानी मुखर्जी और काजोल नजर आए। करण जौहर का तीखा तेवर एक बार फिर देखने को मिला। इस हालिया एपिसोड में कई पुराने किस्से भी बाहर आए। काजोल और रानी मुखर्जी ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों बहनों ने बताया कि एक वक्त ऐसा था जब उनके बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। साथ ही दोनों ने बताया कि कैसे उनकी लाइफ में बदलाव आया और उनके रिश्ते सुलझ गए।

बहनों में थी दूरी

एपिसोड के दौरान फिल्म निर्माता ने याद किया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच दूर थी। करण जौहर ने पूछा, ‘अब आप दोनों काफी करीब लगते हैं, लेकिन तब आपके बीच बिल्कुल भी दोस्ती या रिश्ता नहीं था, ठीक कह रहा हूं न?’ इसके जवाब में काजोल ने कहा, ‘वास्तव में नहीं।’ करण जौहर ने काजोल और रानी के समीकरण को याद करते हुए कहा, ‘मुझे आश्चर्य होता था कि किस तरह का ये परिवार है, जहां चचेरे भाई-बहन एक दूसरे से बात नहीं करते हैं।’ फिर उन्होंने पूछा, ‘क्या कोई ऑर्गैनिक दूरी थी या आप परिवार के उस पक्ष के करीब नहीं थे?’ काजोल इस बात से सहमत थीं कि यह ऑर्गैनिक दूरी थी। इस पर बात करते हुए काजोल ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो यह एक ऑर्गैनिक दूरी थी। जहां तक काम की बात है, हम दोनों उसे पसंद करते थे।’

बचपन से थी दूरी

आगे करण जौहर ने रानी मुखर्जी से पूछा, ‘क्या आपको लगा कि जब आपने उनके साथ काम किया था तो आपके बीच कोई दूरी थी?’ उन्होंने जवाब दिया, ‘बेशक। मैं उन्हें बचपन से जानती हूं, वह मेरे लिए हमेशा काजोल दीदी थीं। यह थोड़ा अजीब था। आप बड़े होते हैं और आप अलग हो जाते हैं, आप वास्तव में इसका कारण नहीं जानते हैं। हम अक्सर नहीं मिलते थे, काजोल दीदी टाउन में रहती थीं और हम जुहू में थे। मैं और तनीषा बहुत करीब थे और हम अब भी हैं। काजोल दीदी हमेशा परिवार के लड़कों, मेरे भाई और सम्राट दा के करीब थीं। हां, यह थोड़ा अजीब था।’

ऐसे आए करीब

यह पूछे जाने पर कि ऐसा कैसे हुआ कि दोनों फिर से एक हो गए, रानी मुखर्जी ने खुलासा किया कि ऐसा तब हुआ जब दोनों ने ही अपने पिता को खो दिया। रानी मुखर्जी ने कहा, ‘हमारे पिता के निधन के बाद और भी बहुत कुछ।’ काजोल ने कहा, ‘यह बिल्कुल ऑर्गैविक चीज है।’ बदलाव के बारे में बात करते हुए रानी ने कहा, ‘एक परिवार के रूप में जब आप अपने प्रियजनों को खो देते हैं… मैं काजोल के पिता (शोमू मुखर्जी) के करीब थी… जब आप कठिन समय और नुकसान से गुजरते हैं, तब हर कोई करीब आता है।’

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