पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा अपने हालिया बयान को लेकर गंभीर विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। एक न्यायाधीश को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर बिहार न्यायिक सेवा संघ (BJSA) ने कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने इस टिप्पणी को “अत्यंत आपत्तिजनक और विचलित करने वाला” करार देते हुए उपमुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है।
न्यायपालिका में नाराजगी, BJSA का विरोध
बिहार न्यायिक सेवा संघ का कहना है कि उपमुख्यमंत्री की ओर से न्यायाधीश के खिलाफ की गई टिप्पणी न सिर्फ अनुचित है, बल्कि इससे न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े होते हैं। संघ का मानना है कि इस तरह के बयान न्यायिक प्रक्रिया में अवांछित हस्तक्षेप की श्रेणी में आते हैं।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
इस पूरे विवाद को लेकर BJSA ने औपचारिक कदम उठाते हुए राजभवन का रुख किया है। संघ के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया और उपमुख्यमंत्री के बयान पर कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ ही संघ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
पत्र में जताई गई गहरी चिंता
न्यायिक सेवा संघ की ओर से 23 दिसंबर को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार की टिप्पणियां, विशेषकर जब वे कार्यपालिका के किसी वरिष्ठ सदस्य की ओर से आती हैं, न्याय के निष्पक्ष प्रशासन को प्रभावित कर सकती हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि ऐसे बयान न्यायाधीशों को अपने कर्तव्यों का निर्भीक होकर पालन करने से हतोत्साहित कर सकते हैं।
आत्ममंथन और माफी की मांग
BJSA ने अपने पत्र में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा से आग्रह किया है कि वे अपने बयान के प्रभाव और संवैधानिक मर्यादाओं पर आत्ममंथन करें। संघ का कहना है कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के बीच पारस्परिक सम्मान बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि
“संवैधानिक संस्थाओं के बीच आपसी सम्मान लोकतांत्रिक शासन और विधि के शासन की रक्षा के लिए अनिवार्य है।”
सियासी और संवैधानिक हलकों में चर्चा
उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद न सिर्फ न्यायिक जगत, बल्कि राजनीतिक और संवैधानिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विजय कुमार सिन्हा इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और सरकार इस मामले को कैसे संभालती है।


