बाइक-चेन की मांग बनी मौत की वजह, गेहूं के खेत में दफन मिली लाश

यह मामला बिहार के नालंदा जिले से सामने आई एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना है, जिसमें दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या का आरोप लगा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटनाक्रम इस प्रकार है:

क्या है मामला

  • स्थान: मानपुर थाना क्षेत्र, लोटन गांव, नालंदा
  • मृतका: 20 वर्षीय सबिता कुमारी
  • शादी: 1 जून 2025 को मनीष कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से विवाह
  • शव बरामद: लगभग दो महीने बाद गेहूं के खेत से दफन अवस्था में मिला

दहेज मांग और प्रताड़ना के आरोप

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मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल पक्ष ने बाइक और सोने की चेन की मांग शुरू कर दी थी। मांग पूरी न होने पर सबिता के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की बात कही गई है।
परिवार के मुताबिक 2 दिसंबर 2025 के बाद सबिता से संपर्क टूट गया, मोबाइल बंद हो गया और ससुराल का घर भी बंद मिला।

प्राथमिकी और पुलिस कार्रवाई

  • 5 दिसंबर 2025: मानपुर थाने में दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज।
  • 14 जनवरी 2026: मुख्य आरोपी पति मनीष कुमार गिरफ्तार
  • शुरुआती दौर में शव का पता नहीं चल सका, आरोपी से पूछताछ जारी रही।

खेत में दफन मिला शव

पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि शव बहुआरा गांव के एक खेत में दफन है। आरोप है कि सबूत मिटाने के लिए शव को दफनाकर ऊपर गेहूं की फसल बो दी गई थी।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में खुदाई कर करीब दो महीने पाँच दिन बाद शव बरामद किया गया, जो काफी सड़ी-गली अवस्था में था। पोस्टमार्टम के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

अन्य आरोपियों की तलाश

थानाध्यक्ष के अनुसार:

  • पति की गिरफ्तारी हो चुकी है।
  • परिवार के अन्य सदस्यों/सह-आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
  • आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर होगी।

कानूनी परिप्रेक्ष्य

ऐसे मामलों में आमतौर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304B (दहेज मृत्यु), 498A (क्रूरता) तथा दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधान लागू हो सकते हैं। अंतिम धाराएं पुलिस जांच और साक्ष्यों पर निर्भर करती हैं।

सामाजिक संदर्भ

यह घटना दहेज प्रथा से जुड़ी गंभीर सामाजिक समस्या की ओर फिर इशारा करती है—जहां विवाह के बाद आर्थिक मांगों को लेकर महिलाओं पर हिंसा और दबाव की शिकायतें सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • समय पर शिकायत दर्ज करना,
  • स्थानीय प्रशासन/महिला हेल्पलाइन की मदद लेना,
  • और समुदाय-स्तर पर जागरूकता
    ऐसी घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल मामला जांचाधीन है और अंतिम निष्कर्ष अदालती प्रक्रिया व फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

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