
105 किमी की पदयात्रा में बैद्यनाथ धाम पहुंचकर करेंगे जलाभिषेक
भागलपुर (सुल्तानगंज):आस्था और राजनीति के संगम का अनोखा दृश्य गुरुवार को सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर देखने को मिला, जब दिल्ली के सांसद और भाजपा नेता मनोज तिवारी ने गंगा जल भरकर बैद्यनाथ धाम की ओर कांवड़ पदयात्रा शुरू की। बाबा धाम की यह यात्रा करीब 105 किलोमीटर लंबी होगी, जिसका समापन झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ मंदिर में जलाभिषेक के साथ होगा।
गंगा घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता, कांवड़िए और आम भक्तों ने मिलकर मनोज तिवारी का स्वागत किया। गंगा जल भरते समय पूरे घाट पर “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।
धार्मिक आस्था और राजनीतिक संदेश
पदयात्रा की शुरुआत के बाद मनोज तिवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,
“बाबा बैद्यनाथ से मैंने बिहार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है। आने वाले चुनाव में जनता एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताएगी और राज्य में विकासोन्मुख सरकार बनेगी।”
उन्होंने कहा कि लोग अब “बयानबाज़ी और झूठे वादों” से थक चुके हैं और वे ठोस विकास चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने राजद विधायक भाई वीरेंद्र पर निशाना साधते हुए कहा—
“ऐसे नेता सिर्फ कैमरे के सामने बोलते हैं, लेकिन जनता के बीच उनकी कोई पकड़ नहीं है।”
भाजपा नेताओं की मौजूदगी ने दिया राजनीतिक रंग
कांवड़ यात्रा की शुरुआत में भाजपा के कई स्थानीय नेता भी नमामि गंगे घाट पर उपस्थित थे। सभी ने मिलकर जल भराई की और मनोज तिवारी को यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। इससे इस यात्रा को एक धार्मिक-राजनीतिक मिलन का स्वरूप मिल गया।
क्या है कांवड़ यात्रा का महत्व?
सावन महीने में सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवड़ यात्रा हिंदू धर्म की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में एक मानी जाती है। यहां से गंगा जल लेकर श्रद्धालु बाबा वैद्यनाथ को अर्पित करते हैं। सुल्तानगंज में गंगा उत्तरवाहिनी (उत्तर दिशा में बहती गंगा) है, जिससे इस यात्रा का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
रास्ते में होगा समर्थकों और श्रद्धालुओं का स्वागत
मनोज तिवारी की यह पदयात्रा कई जिलों से होकर गुज़रेगी और इसमें जगह-जगह भक्तों व समर्थकों द्वारा स्वागत की संभावना है। भाजपा इसे एक जनसंपर्क अभियान के रूप में भी देख रही है, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ राजनीतिक संदेश को भी जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।


