HIGHLIGHTS: करबिगहिया में हाई-वोल्टेज ड्रामा; शक ने खोली बेवफाई की पोल
- पकड़ी गई करतूत: पटना सिटी के पति ने करबिगहिया के एक होटल में पत्नी को झारखंड के प्रेमी के साथ पकड़ा।
- एसएससी (SSC) वाला ‘इश्क’: प्रेमी दुमका का रहने वाला है और पटना के राजीव नगर में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
- अपनों ने छोड़ा साथ: जक्कनपुर थाने में महिला की मां और भाई ने ही उससे नाता तोड़ा; कहा- ‘समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा’।
- मासूम की दुहाई: 2 साल के बच्चे को छोड़कर होटल पहुंची थी महिला; पति ने डायल 112 की मदद से खुलवाया कमरा।
पटना | 19 मार्च, 2026
राजधानी पटना का जक्कनपुर थाना क्षेत्र बुधवार को एक फिल्मी ड्रामे का गवाह बना, जहाँ रसोइया और बेडरूम की दीवारें लांघकर एक ‘बेवफाई’ की दास्तां होटल के कमरे तक पहुँच गई। यह कहानी केवल एक पति-पत्नी के विवाद की नहीं है, बल्कि उन टूटते रिश्तों की है जहाँ एक दो साल का मासूम बच्चा अपनी मां की ममता के लिए तरस रहा है और एक मां अपनी बेटी की करतूतों पर सरेआम आंसू बहा रही है।
पति बना ‘जासूस’: पीछा किया और रंगे हाथों पकड़ा
पटना सिटी निवासी पति को पिछले काफी समय से अपनी पत्नी पर शक था। मंगलवार की रात जब पत्नी बिना बताए घर से निकली, तो पति ने हार मानने के बजाय उसका पीछा करने का फैसला किया।
- होटल की घेराबंदी: जैसे ही पुष्टि हुई कि पत्नी करबिगहिया के एक होटल में है, पति ने तुरंत पुलिस (डायल 112) को सूचना दी।
- अजीबोगरीब सफाई: दरवाजा खुलते ही अंदर का नजारा देख सब सन्न थे। जब दुमका निवासी प्रेमी से पूछताछ हुई, तो उसने दलील दी कि वह तो बस ‘मदद’ करने आया था क्योंकि पति ने उसे घर से निकाल दिया था।
थाने में मां-भाई का कलेजा फटा: ‘ऐसी बेटी से बेऔलाद अच्छे’
इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला और मार्मिक पहलू जक्कनपुर थाने में देखने को मिला। अमूमन ऐसे मामलों में मायका पक्ष अपनी बेटी का बचाव करता है, लेकिन यहाँ सच की जीत हुई।
- परिजनों का गुस्सा: महिला की मां, भाई और मामा ने साफ कह दिया कि अब इस बेटी से उनका कोई वास्ता नहीं है।
- मां का विलाप: बिलखती मां ने पुलिस के सामने कहा कि ऐसी औलाद होने से बेहतर था कि हम बेऔलाद रहते। समाज में जो बेइज्जती हुई है, उसे कैसे सहेंगे?
VOB का नजरिया: क्या ‘आधुनिक आजादी’ की भेंट चढ़ रहे हैं मासूम?
यह घटना समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है जहाँ ‘एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर’ के चक्कर में लोग अपना घर-संसार और बच्चों का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि जक्कनपुर पुलिस ने यहाँ काउंसलिंग कर मामले को शांत कराने की कोशिश की, जो एक सराहनीय कदम है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल उस 2 साल के बच्चे का है, जिसे शायद यह भी नहीं पता कि उसके माता-पिता के बीच क्या जंग चल रही है। महिला के मायके वालों का अपनी बेटी के खिलाफ खड़े होना यह दर्शाता है कि आज भी समाज में ‘नैतिकता’ और ‘लोकलाज’ का डर बाकी है। एक एसएससी (SSC) की तैयारी करने वाला छात्र अगर पढ़ाई छोड़कर ऐसे रिश्तों में उलझेगा, तो उसका भविष्य क्या होगा? रिश्तों में पारदर्शिता और भरोसे की कमी ही ऐसे ‘होटल ड्रामों’ की जननी है।


