HIGHLIGHTS
- सियासी इफ्तार: लोजपा (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में सजी महफिल; केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मेजबान।
- मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिरकत कर एनडीए की एकजुटता का दिया संदेश।
- भावुक क्षण: कार्यक्रम से पहले सीएम ने स्व. रामविलास पासवान के तैलचित्र पर किए पुष्प अर्पित।
- अमन की दुआ: रोजेदारों के साथ मुख्यमंत्री और एनडीए के दिग्गज नेताओं ने मांगी देश-प्रदेश में शांति और भाईचारे की दुआ।
पटना | 16 मार्च, 2026
बिहार की राजनीति में ‘इफ्तार’ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सियासी समीकरणों को साधने का एक बड़ा जरिया भी रहा है। सोमवार की शाम राजधानी पटना के शहीद पीर अली मार्ग स्थित लोजपा (रामविलास) कार्यालय में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान द्वारा आयोजित ‘दावत-ए-इफ्तार’ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न केवल शामिल हुए, बल्कि दोनों नेताओं के बीच जबरदस्त गर्मजोशी भी देखने को मिली।
चिराग ने पहनाया ‘सम्मान का साफा’, नीतीश ने दी श्रद्धांजलि
जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोजपा कार्यालय पहुंचे, चिराग पासवान ने खुद आगे बढ़कर उनका स्वागत किया। चिराग ने मुख्यमंत्री को साफा भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इफ्तार की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि यह पुरानी सियासी कड़वाहटों को भुलाकर एक नए ‘पॉलिटिकल बॉन्ड’ की गवाही दे रहा था।
एनडीए के दिग्गजों का जमावड़ा
इस इफ्तार पार्टी में एनडीए सरकार के कई कद्दावर चेहरे एक साथ नजर आए:
- मंत्री मंडल: जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान और पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह उपस्थित रहे।
- संगठन: जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद संजय कुमार झा और लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने भी शिरकत की।
- दुआ-ए-खैर: शाम को अजान के बाद मुख्यमंत्री समेत सभी रोजेदारों ने एक साथ इफ्तार किया और बिहार में शांति, तरक्की और आपसी सौहार्द कायम रहने की दुआ मांगी।
VOB का नजरिया: क्या ‘इफ्तार’ से मजबूत होगी एनडीए की रफ़्तार?
चिराग पासवान के दफ्तर में नीतीश कुमार की मौजूदगी के कई सियासी मायने हैं। हाल के दिनों में जिस तरह चिराग और नीतीश के बीच की दूरियां सिमटी हैं, यह आयोजन उसी केमिस्ट्री का विस्तार है। एक तरफ जहां विपक्ष में दरारें दिख रही हैं, वहीं चिराग की इस दावत में नीतीश कुमार का पहुंचना यह संदेश देता है कि एनडीए का कुनबा पूरी तरह ‘सेट’ है। यह इफ्तार न केवल रोजेदारों की इबादत का गवाह बना, बल्कि बिहार में भविष्य की राजनीतिक स्थिरता की तस्वीर भी साफ कर गया।


