दशरथ मांझी कौशल विकास योजना ने बदली जिंदगी: 40 युवाओं को मिला रोजगार, मिला आत्मनिर्भरता का रास्ता

पटना, 08 अगस्त।बिहार के महादलित और आदिवासी समुदाय के युवाओं के सपनों को पंख देने वाली दशरथ मांझी कौशल विकास योजना ने एक और नई मिसाल कायम कर दी है। पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में कुल 40 प्रशिक्षुओं को कोर्स पूर्ण होने के बाद सर्टिफिकेट प्रदान किए गए, वहीं 10 भाग्यशाली युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी के ऑफर लेटर भी सौंपे गए। यह मौका उन युवाओं के लिए यादगार बन गया, जिन्होंने महीनों की मेहनत और लगन से प्रशिक्षण पूरा किया।

आईसेक्ट लिमिटेड के माध्यम से डोमेन स्किलिंग श्रेणी में दिया गया यह प्रशिक्षण सिर्फ तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं था, बल्कि युवाओं को रोजगार की बारीकियों, इंटरव्यू स्किल्स, संवाद कला और कार्यस्थल पर व्यवहारिक क्षमता के गुर भी सिखाए गए।

कार्यक्रम में मौजूद दिग्गज
समारोह में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के उप निदेशक (मुख्यालय) राणा वैद्यनाथ कुमार सिंह, क्षेत्रीय उप निदेशक (कल्याण) पटना प्रमंडल प्रमोद कुमार और पटना के जिला कल्याण पदाधिकारी सह जिला परियोजना पदाधिकारी संजीव कुमार रत्न ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र और ऑफर लेटर सौंपे। अधिकारियों ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा— “आप अपने कौशल से न सिर्फ अपनी जिंदगी बदलें, बल्कि बिहार के विकास में भी योगदान दें।”

आईसेक्ट लिमिटेड के जोनल हेड अम्बरीष कुमार ने कहा— “हमारा मकसद सिर्फ तकनीकी स्किल देना नहीं है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और करियर में आगे बढ़ने की मानसिक तैयारी कराना है। हमें गर्व है कि हमारे प्रशिक्षु देशभर की कंपनियों में अपनी पहचान बना रहे हैं।”

युवाओं की जुबानी
प्रशिक्षुओं ने भी अपनी भावनाएं खुलकर साझा कीं। एक प्रशिक्षु ने कहा— “आज ऑफर लेटर पाकर लगता है कि हमारी मेहनत रंग लाई है। अब हम चाहते हैं कि हमारे गांव के और भी युवा इस योजना से जुड़ें और अपनी जिंदगी बदलें।”

क्या है दशरथ मांझी कौशल विकास योजना?
बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की अधीनस्थ संस्था बिहार महादलित विकास मिशन द्वारा संचालित यह योजना राज्य के युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल प्रदान करती है। प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क होता है, साथ ही युवाओं को प्लेसमेंट सहायता, करियर मार्गदर्शन और इंटरव्यू तैयारी भी दी जाती है।

कार्यक्रम के अंत में विभागीय अधिकारियों ने सभी प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे अपने कौशल को निरंतर निखारें, मेहनत और ईमानदारी से कार्य करें और अन्य युवाओं को भी कौशल विकास योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।


 

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  • Kumar Aditya

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