न्याय की मांग कर रहे लोगों पर पुलिसिया कार्रवाई को बताया गलत; कहा- ‘पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने वालों को ही बनाया जा रहा निशाना’
द वॉयस ऑफ बिहार (दरभंगा)
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने बुधवार (11 फरवरी) को दरभंगा पहुंचकर एक नाबालिग रेप पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की और उनका दर्द साझा किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए और सिस्टम पर सीधा प्रहार करते हुए इसे ‘अधिकारियों का जंगलराज’ करार दिया।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई अमानवीय
प्रशांत किशोर ने उस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरे और प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है।
- मानवीय दृष्टिकोण की अपील: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग पीड़ित परिवार के लिए आवाज उठा रहे हैं और उनके हक़ में प्रदर्शन कर रहे हैं, उन पर पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। पुलिस को ऐसे संवेदनशील और गंभीर मामलों में मानवीय आधार (Humanitarian grounds) पर निर्णय लेना चाहिए, न कि दमनकारी नीति अपनानी चाहिए।
‘प्रशासन की कोई जवाबदेही नहीं बची’
प्रशांत किशोर ने राज्य की कानून-व्यवस्था और बेलगाम नौकरशाही पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में प्रशासन की जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं रह गई है।
प्रशांत किशोर का बड़ा बयान:
“पुलिस-प्रशासन की अब कोई जवाबदेही नहीं है। यहां पूरी तरह से ‘अधिकारियों का जंगलराज’ कायम हो गया है। जो समाज के लोग पीड़ित परिवार के दुख में उनके साथ खड़े हो रहे हैं और न्याय मांग रहे हैं, उल्टा उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है।”
प्रशांत किशोर का यह तीखा बयान ऐसे समय में आया है, जब दरभंगा में इस जघन्य वारदात को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।


