
बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार सक्रिय होता जा रहा है। ताजा मामलों में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से दो लोगों को निशाना बनाकर कुल 7 लाख 25 हजार रुपये की ठगी कर ली। एक युवक को निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया गया, जबकि दूसरे मामले में ट्रेन में मोबाइल चोरी होने के बाद बैंक खाते से रकम साफ कर दी गई। दोनों मामलों की जांच साइबर थाना पुलिस कर रही है।
निवेश के नाम पर 5.41 लाख की साइबर ठगी
पहला मामला पटना के कंकड़बाग इलाके का है। यहां रहने वाले पुनीत सोनी को साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठग लिया। बताया जा रहा है कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें खुद को एक निजी निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया गया।
ठगों ने कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में छोटी रकम निवेश करवाकर ऑनलाइन खाते में अच्छा रिटर्न दिखाया गया, जिससे पीड़ित का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कई किश्तों में कुल 5 लाख 41 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
कुछ दिनों बाद जब पुनीत ने पैसे निकालने की कोशिश की तो वेबसाइट बंद मिली और सभी मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हो गए। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच में जुटी है।
ट्रेन में मोबाइल चोरी, खाते से निकाले 1.84 लाख रुपये
दूसरा मामला भी पटना से जुड़ा है। मुकुंद कुमार पटना जंक्शन से कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़कर खगड़िया जा रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उनका मोबाइल फोन चोरी कर लिया।
बताया जा रहा है कि चोरी हुआ मोबाइल उनके बैंक खाते और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं से लिंक था। मोबाइल हाथ लगते ही साइबर अपराधियों ने बैंकिंग ऐप के जरिए खाते तक पहुंच बनाई और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 1 लाख 84 हजार रुपये निकाल लिए।
दो दिन बाद जब मुकुंद कुमार बैंक पहुंचे तो खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और रेल साइबर थाने में आवेदन दिया।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, निवेश ऑफर या कॉल पर भरोसा न करें। साथ ही मोबाइल चोरी होने पर तुरंत सिम ब्लॉक कराकर बैंक खातों को सुरक्षित करें, ताकि साइबर अपराधी खाते तक पहुंच न बना सकें।


