
- बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ तीन दबंगों ने एक विवाहिता की अस्मत पर सरेआम हाथ डालने की कोशिश की।
- बदमाशों ने न केवल महिला के साथ अभद्रता की, बल्कि इस पूरी घिनौनी करतूत का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश व्याप्त है।
- पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और नामजद तीन आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
- वायरल वीडियो में महिला की बेबसी और बदमाशों की दरिंदगी साफ देखी जा सकती है, जिसने राज्य में महिला सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
नालंदा (द वॉयस ऑफ बिहार)।
शाम के सन्नाटे में अस्मत पर हमले की खौफनाक दास्तां
नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत अजयपुर गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने समाज के सभ्य होने के दावों की पोल खोल दी है। यहाँ एक 20 वर्षीया विवाहिता के साथ गांव के ही तीन दबंगों ने सरेआम सड़क पर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। यह घटना 26 मार्च 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की है। पीड़िता उस समय पास की एक किराना दुकान से घरेलू सामान लेकर अपने घर लौट रही थी। शाम का वक्त होने के कारण रास्तों पर आवाजाही कम थी, जिसका फायदा उठाकर घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे घेर लिया। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह शादीशुदा होने के बावजूद वर्तमान में अपने मायके में ही रह रही थी और इसी बात को लेकर गांव के कुछ दबंगों की गंदी नजर उन पर बनी हुई थी।
विरोध करने पर दरिंदगी: कपड़े फाड़कर किया अर्धनग्न
पीड़िता के अनुसार, जैसे ही वह दुकान से लौट रही थी, अशोक यादव, मतलू महतो और रविकांत कुमार ने उन्हें रास्ते में ही दबोच लिया। इन तीनों ने महिला के साथ जोर-जबरदस्ती शुरू कर दी और उसे झाड़ियों की ओर खींचने लगे। बदमाशों की मंशा दुष्कर्म करने की थी। जब पीड़िता ने अपनी जान और आबरू बचाने के लिए शोर मचाया और उनका कड़ा विरोध किया, तो आक्रोशित दबंगों ने उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए। विरोध के बावजूद बदमाशों ने उन्हें अर्धनग्न कर दिया और उनके साथ अभद्र कृत्य करते रहे। महिला की चीख-पुकार सुनकर जब गांव के कुछ लोग मौके की ओर दौड़े, तो ग्रामीणों की भीड़ को आते देख तीनों बदमाश वहां से भाग निकले। इस घटना ने पीड़िता को न केवल शारीरिक चोटें पहुंचाईं, बल्कि उसे गहरे मानसिक सदमे में भी धकेल दिया है।

वायरल वीडियो: आधुनिक युग का वह डिजिटल घाव जिसने रूह कंपा दी
इस घटना का सबसे वीभत्स पहलू यह रहा कि उन दरिंदों ने इस पूरी वारदात का मोबाइल से वीडियो भी बनाया। इतना ही नहीं, अपनी दबंगई दिखाने और पीड़िता को समाज में जलील करने के उद्देश्य से उन्होंने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने दो अलग-अलग वीडियो इंटरनेट पर डाले हैं। पहले वीडियो में पीड़िता अपना सिर झुकाकर बुरी तरह रोती हुई नजर आ रही है, जो उसकी बेबसी की पराकाष्ठा को दर्शाता है। वहीं, दूसरे वीडियो में एक बदमाश महिला को गंदी-गंदी गालियां दे रहा है और उसे अपमानित कर रहा है। ये वायरल वीडियो अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा तकनीकी साक्ष्य बन गए हैं, लेकिन इसने उस महिला के सम्मान को जो ठेस पहुंचाई है, उसकी भरपाई करना नामुमकिन है।
पुलिस की मुस्तैदी और दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना के अगले दिन, यानी 27 मार्च 2026 को पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर नूरसराय थाने में लिखित आवेदन दिया। मामले की संवेदनशीलता और वायरल वीडियो के दबाव को देखते हुए पुलिस महकमे में खलबली मच गई। डीएसपी संजय अग्रवाल ने इस संबंध में आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि पुलिस ने बिना समय गंवाए प्राथमिकी दर्ज की और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी। नूरसराय थाना कांड संख्या 194/26 के तहत दर्ज इस मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अशोक यादव (पिता पचु यादव उर्फ पुन यादव) और मतलू महतो उर्फ नवनीत कुमार नरोत्तम (पिता स्व० हरिहर महतो) शामिल हैं। ये दोनों अजयपुर गांव के ही निवासी हैं। पुलिस ने इन दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में कसा गया शिकंजा
नालंदा पुलिस ने इस कांड में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। प्राथमिकी में धारा 74, 75, 76, 115(2), 126(2) और 3(5) बीएनएस (BNS) लगाई गई है। ये धाराएं महिला की लज्जा भंग करने, यौन उत्पीड़न, गंभीर चोट पहुंचाने और साझा इरादे से अपराध करने से संबंधित हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करेंगे ताकि दोषियों को जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। तीसरे फरार आरोपी, रविकांत कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि वह भी बहुत जल्द कानून के शिकंजे में होगा।
मायके में रहने वाली महिला की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक और सामाजिक पहलू को उजागर किया है। पीड़िता ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा है कि शादीशुदा होने के बावजूद मायके में रहने के कारण गांव के दबंग उन्हें अपना निशाना बना रहे थे। यह ग्रामीण समाज की उस संकीर्ण सोच को दर्शाता है जहां एक अकेली या अपने मायके में रहने वाली महिला को असहाय समझकर उस पर अत्याचार किया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ समाज को भी एकजुट होना होगा। पीड़िता के परिवार का कहना है कि वे डरे हुए हैं, लेकिन उन्हें न्यायपालिका और पुलिस पर पूरा भरोसा है कि उन्हें न्याय मिलेगा।
प्रशासन की आगामी रणनीति और क्षेत्र में भय का माहौल
नूरसराय थानाध्यक्ष ने बताया कि अद्यतन कार्रवाई के तहत दो लोगों की जेल रवानगी के बाद गांव में पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई है ताकि पीड़िता के परिवार को सुरक्षा का अहसास हो सके। इस घटना के बाद से ही अजयपुर और आसपास के गांवों में तनाव और डर का माहौल है। लोग अपने घरों की महिलाओं को अकेले बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। डीएसपी संजय अग्रवाल ने आम जनता से अपील की है कि वे वायरल वीडियो को आगे साझा न करें, क्योंकि इससे पीड़िता की पहचान और सम्मान को और अधिक क्षति पहुंचती है। पुलिस अब उन लोगों की भी पहचान करने में जुटी है जिन्होंने इस आपत्तिजनक वीडियो को जानबूझकर प्रसारित करने में भूमिका निभाई है।


