बिहार में चीफ इंजीनियर के पास मिले करोड़ों रुपये, ED की कार्रवाई के बाद नीतीश सरकार ने हटाया

बिहार भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारणी दास पर नीतीश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की छापेमारी में मिले करोड़ों रुपये के बाद यह एक्शन लिया गया है. सरकार ने तारिणी दास की संविदा को रद्द कर दिया है. पटना स्थित उनके ठिकानों पर ईडी की रेड में 11.64 करोड़ रुपये मिले हैं. आईएएस संजीव हंस से उनका कनेक्शन सामने आया है।

चीफ इंजीनियर तारणी दास पर कार्रवाई: भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी किए गए लेटर में कहा गया है कि तारणी दास मुख्य अभियंता उत्तर भवन निर्माण विभाग पटना को सेवानिवृत्ति के उपरांत संविदा के आधार पर नियोजित किया गया था. उनके विरुद्ध सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त किए बिना निविदा रद्द करने संबंधी प्राप्त शिकायत के लिए स्पष्टीकरण किया गया. स्मार्रों के बावजूद भी दास के द्वारा स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराया गया।

ईडी की रेड में मिले हैं करोड़ों रुपये: तारणी दास के विरुद्ध निर्धारित अवधि से कम समय के लिए बीओ क्यू अपलोड रखने के आरोप में स्पष्टीकरण किया गया, जिसका प्रति उत्तर स्वीकार योग्य नहीं पाया गया. दास का क्रियाकलाप सरकारी नियमों के अवहेलना और उनके स्वेच्छाचारिता का द्योतक है. दिनांक 28 मार्च को दैनिक समाचार पत्रों में परिवर्तन निदेशालय द्वारा दास के विरुद्ध आवास पर छापेमारी संबंधी समाचार प्रकाशित की गई है, जिसमें बड़ी मात्रा में नगद राशि बरामद होने की सूचना है।

विभागीय कार्रवाई भी होगी: रविंद्र कुमार सरकार के संयुक्त सचिव के तरफ से जारी लेटर में लिखा है कि जांच एजेंसी के द्वारा दास के आवासीय परिसर पर छापेमारी और भारी मात्रा में नगदी की बरामदगी की घटना उनके पदीय आचरण के प्रतिकूल है. ऐसे में सम्यक समीक्षा प्रांत तारिणी दास मुख्य अभियंता उत्तर संविदा भवन निर्माण विभाग बिहार पटना की संविदा नियोजन अवधि में सेवा संतोष प्रद नहीं रहने के कारण सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक 10000 दिनांक 10-7 2015 की कंडिका में निहित प्रावधान के अनुसार इनका संविदा नियोजन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है. दास के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही अलग से प्रारंभ की जाएगी. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

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