पटना। बिहार पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने वर्ष 2025 के अपराध से जुड़े आंकड़े जारी किए। डीजीपी ने दावा किया कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में राज्य में संगीन अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
डीजीपी के अनुसार पुलिस की निरंतर कार्रवाई, खुफिया तंत्र की मजबूती और विशेष अभियानों के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से बेहतर हुई है।
हत्या, डकैती और लूट में आई कमी
डीजीपी विनय कुमार ने बताया—
- हत्या
- 2024: 2786 मामले
- 2025: 2556 मामले
- 8.3% की कमी
- डकैती
- 2024: 238 मामले
- 2025: 174 मामले
- 26.9% की गिरावट
- लूट
- 2024: 1975 मामले
- 2025: 1558 मामले
“अपराध नियंत्रण के लिए की गई रणनीतिक पुलिसिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।”
— विनय कुमार, डीजीपी बिहार
दंगे और दुष्कर्म के मामलों में भी गिरावट
- दंगे
- 2024: 3186 घटनाएं
- 2025: 2502 घटनाएं
- 21.5% की कमी
- दुष्कर्म
- 2024: 2205 मामले
- 2025: 2025 मामले
डीजीपी ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस विशेष संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और त्वरित अनुसंधान पर जोर दिया जा रहा है।
अवैध हथियारों पर बड़ी कार्रवाई
जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच पुलिस ने—
- 4963 अवैध आग्नेयास्त्र
- 54 नियमित हथियार
- 30,133 कारतूस
बरामद किए हैं।
इसके साथ ही राज्य में संचालित 74 मिनी गन फैक्ट्रियों का उद्भेदन किया गया, जिसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
‘नया सवेरा अभियान’ में मानव तस्करी पर प्रहार
31 जुलाई से 14 अगस्त 2025 तक चलाए गए ‘नया सवेरा अभियान’ में—
- 41 नाबालिग लड़कियां
- 64 नाबालिग लड़के
- कई महिलाएं तस्करों के चंगुल से मुक्त कराई गईं
इस दौरान 28 पुरुष और 22 महिला तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
STF की कार्रवाई: अपराधी और नक्सली गिरफ्तार
- 29 मुठभेड़ें
- 1682 अपराधी गिरफ्तार
- 134 नक्सली गिरफ्तार
इसके अलावा 5 इनामी नक्सली और एक दस्ता सदस्य समेत कुल 6 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस आगे भी अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और नक्सलवाद के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखेगी।
“आम जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— डीजीपी, बिहार


